क्षेत्र की दीर्घा बहुउद्देशीय सहकारी समिति का भवन जर्जर होने के कारण खाद गोदाम में सीलन और बारिश का पानी घुस रहा है। इससे गोदाम में रखी यूरिया सहित अन्य कीमती खाद खराब होने लगी है। खाद को सुरक्षित रखने के लिए कर्मचारियों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ रहा है। समिति से जुड़े करीब 40-45 गांवों के किसानों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
साल 1999 में इस समिति भवन का निर्माण किया गया था, जिसमें सचिव आवास, कार्यालय और खाद गोदाम बनाए गए थे। लेकिन, वर्षों से रखरखाव और मरम्मत न होने के कारण अब छत टपकने लगी है और दीवारों में भारी सीलन आ गई है। गोदाम में हर समय करीब 200 क्विंटल खाद का भंडारण रहता है, जो पानी और सीलन की वजह से गलकर खराब हो रही है।
इन दिनों नकदी फसलों का सीजन है और किसानों को खेतों में डालने के लिए खाद की सख्त जरूरत है। ऐसे में खाद के खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान कुंदन सिंह, सिंगाराम, भोपाल सिंह, बिरेंद्र सिंह और चमन सिंह का कहना है कि यह समस्या पिछले पांच-छह वर्षों से बनी है। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
भवन की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजे जा चुके हैं। मरम्मत का प्रस्ताव अभी उच्च स्तर पर विचाराधीन है। बजट और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। - कुंदन सिंह चौहान, अध्यक्ष, दीर्घा बहुउद्देशीय सहकारी समिति
समिति की भूमि पर मुख्य गेट के समीप एक नया गोदाम बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही पुराने भवन की मरम्मत के लिए भी उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है, ताकि किसानों को खाद के उठान में कोई असुविधा न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें। - रणवीर सिंह, सचिव, दीर्घा बहुउद्देशीय सहकारी समिति