देहरादून में ट्रैफिक को व्यवस्थित करने वाली यातायात पुलिस खुद अव्यवस्था की शिकार है। राजधानी के अधिकतर चौराहों पर बने ट्रैफिक कंट्रोल बूथ टूट चुके हैं, कई चौराहों पर तो ये बने ही नहीं हैं।
दिक्कतों का सामना
ऐसे में तेज बारिश में भीगते और गर्मियों में चिलचिलाती धूप में सूखते हुए पुलिसकर्मियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में पुलिस अधिकारी एमडीडीए और नगर निगम को कई बार लिख चुके हैं। लेकिन एमडीडीए और नगर निगम इस ओर कदम नहीं उठा रहे। मेयर विनोद चमोली बताते हैं कि इस संबंध में एमडीडीए अधिकारियों से बात की जाएगी। उन्होंने बताया ट्रैफिक बूथ ही नहीं, ट्रैफिक लाइट्स के बारे में भी वार्ता होनी है।
पुलिस ने दिया था निगम को सुझाव
दून पुलिस के आला अधिकारियों ने नगर निगम को सुझाव दिया था कि वह पुलिस पिकेट या ट्रैफिक कंट्रोल बूथ पर विज्ञापन लगवाकर उससे हासिल रकम से खुद ही इनकी मरम्मत करवा लेगा। लेकिन इस प्रस्ताव को निगम ने खारिज कर दिया। निगम का तर्क था कि विज्ञापन जारी करने का अधिकार सिर्फ निगम का है।