इस पर रईस ने पंचायत में शामिल रहे पूर्व प्रधान सलाम और अन्य को फोन कर बुला लिया, लेकिन दामाद ने उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि उन्हें कुछ घरेलू बात करनी है। उनके जाने के बाद इकराम ने अपने ससुर रईस अहमद की पीठ पर 315 बोर का तमंचा सटाकर फायर कर दिया। फायर की आवाज से हड़कंप मच गया। बच्चों की चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल रईस को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया।
सूचना पर उपनिरीक्षक विजेंद्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी इकराम को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान लिए। सूचना पर तहसीलदार वीसी पंत ने भी अस्पताल में घायल रईस के बयान लिए। इस मामले में घायल रईस की बेटी और आरोपी इकराम की पत्नी रुखसार ने पुलिस को तहरीर दी है।
ससुर रईस को गोली मारने के बाद आरोपी इकराम ने खुद पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। उसने अपने एक परिचित के मोबाइल से कुंडा थाने फोन कर बताया कि उसने अपने ससुर को गोली मार दी है। इसके बाद वह अपने घर में करीब 20 मिनट तक पुलिस के आने का इंतजार करता रहा, जबकि वहां मौजूद दोनों भाई और बहनोई वहां से भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने इकराम को हिरासत में ले लिया।