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दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2020: मसूरी के इतिहास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री को मिला अवॉर्ड

Fri, 01 May 2020 10:59 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मसूरी

सार

  • फिल्म सवाय : सागा ऑफ एन आइकॉन को मिला 10वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2020 में अवार्ड
  • फिल्म में आवाज देने वाले मसूरी निवासी लेखक गणेश शैली ने जताई खुशी
     
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- फोटो : फेसबुक
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विस्तार
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पहाड़ों की रानी मसूरी के इतिहास को लेकर तैयार की कई डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘सवाय : सागा ऑफ एन आइकॉन’ को प्रतिष्ठित 10वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल-2020 में अवॉर्ड से नवाजा गया है। इसमें सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिए निर्देशक क्षितिज शर्मा और बेस्ट सिनेमेटोग्रॉफी के लिए अभिषेक सिंह नेगी को पुरस्कार मिला है। जिसको लेकर मसूरी में खुशी की लहर है।

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वहीं फिल्म में अपनी आवाज देने वाले मसूरी निवासी लेखक गणेश शैली भी काफी खुश हैं। गणेश शैली ने बताया कि फिल्म को यह 19वां पुरस्कार मिला है। इससे पहले कई देशों में विभिन्न फिल्म फेस्टिवल में कई अवार्ड हासिल कर चुकी है।

उन्होंने बताया की प्रतिष्ठित 10वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल-2020 खिताब जीतने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। मुझे अपनी टीम पर गर्व है। उन्होंने बताया मसूरी का इतिहास करीब 200 साल पुराना है। इसका निर्माण कब हुआ है इसको लेकर वह लगातार खोज कर रहे हैं।
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उन्होंने फिल्म के बारे में बताया कि फिल्म सवाय होटल के प्रमोशन के लिए नहीं बनी है। सवाय होटल फिल्म का स्रोत है, जहां के मालिक केके काया और आरपी सिंह द्वारा मसूरी के इतिहास को लेकर फिल्म निर्माण की बात उनसे कही थी। एक घंटे की फिल्म को चार लोगों के क्रू ने चार दिन में बिना रिटेक के शूट कर दिया था।

फेसबुक तक सीमित रहा अवॉर्ड शो

लेखक गणेश शैली
उन्होंने कहा कि सवाय होटल ने वर्ष 1920 में अफगान कॉन्फ्रेंस से लेकर, मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, दलाई लामा, पंचेन लामा जैसी शख्सियत की अगवानी की है। यहां घटी कई घटनाएं इतिहास में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए फिल्म में सवाय होटल को शामिल करते हुए मसूरी के इतिहास को दर्शाने का प्रयास किया गया है।

10वें दादा साहेब फिल्म फेस्टिवल-2020 के आयोजकों ने लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर इस अवॉर्ड शो को सिर्फ फेसबुक पेज तक सीमित रखा। लिहाजा, सादगी से विजेताओं के नाम की घोषणा की गई। फिल्म निर्देशक क्षितिज शर्मा ने बताया कि दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल जैसा प्रतिष्ठित खिताब जीतने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
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अब तक मिले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

- फोटो : अमर उजाला
बेस्ट एडिटिंग
फ्लोरेंस फिल्म अवार्ड इटली, व्वाइट यूनिकॉर्न इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल,
कोलकाता इंटरनेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल, कल्ट क्रिटिक फिल्म अवार्ड,
बार्सिलोना प्लेनेट फिल्म फेस्टिवल, लॉस एजेल्स फिल्म फेस्टिवल
बेस्ट डॉक्यूमेंट्री
लेटीट्यूड फिल्म अवार्ड, क्राउन वुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, कोलकाता
इंटरनेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल, माइंडफील्ड फिल्म फेस्टिवल, कल्ट क्रिटिक
फिल्म अवार्ड, लास एजेल्स फिल्म फेस्टिवल।
बेस्ट डायरेक्टर
कोलकाता इंटरनेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल, माइंडफील्ड फिल्म फेस्टिवल, कल्ट
क्रिटिक फिल्म अवार्ड, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल
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