उन्होंने कहा कि सवाय होटल ने वर्ष 1920 में अफगान कॉन्फ्रेंस से लेकर, मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, दलाई लामा, पंचेन लामा जैसी शख्सियत की अगवानी की है। यहां घटी कई घटनाएं इतिहास में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए फिल्म में सवाय होटल को शामिल करते हुए मसूरी के इतिहास को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
10वें दादा साहेब फिल्म फेस्टिवल-2020 के आयोजकों ने लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर इस अवॉर्ड शो को सिर्फ फेसबुक पेज तक सीमित रखा। लिहाजा, सादगी से विजेताओं के नाम की घोषणा की गई। फिल्म निर्देशक क्षितिज शर्मा ने बताया कि दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल जैसा प्रतिष्ठित खिताब जीतने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
बेस्ट एडिटिंग
फ्लोरेंस फिल्म अवार्ड इटली, व्वाइट यूनिकॉर्न इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल,
कोलकाता इंटरनेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल, कल्ट क्रिटिक फिल्म अवार्ड,
बार्सिलोना प्लेनेट फिल्म फेस्टिवल, लॉस एजेल्स फिल्म फेस्टिवल
बेस्ट डॉक्यूमेंट्री
लेटीट्यूड फिल्म अवार्ड, क्राउन वुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, कोलकाता
इंटरनेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल, माइंडफील्ड फिल्म फेस्टिवल, कल्ट क्रिटिक
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बेस्ट डायरेक्टर
कोलकाता इंटरनेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल, माइंडफील्ड फिल्म फेस्टिवल, कल्ट
क्रिटिक फिल्म अवार्ड, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल
बेस्ट वॉइसओवर
आनीरोज फिल्म अवार्ड