साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
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साइबर सुरक्षा देने के मामले में उत्तराखंड पुलिस देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। यहां पर आई हर शिकायत दर्ज की गई है। जबकि, इन शिकायतों के आधार पर पांच सौ से अधिक मुकदमें दर्ज किए हैं। मित्र पुलिस का लगातार पांचवा स्थान रहा। साइबर सेफ पोर्टल से जारी सूची में उत्तराखंड पुलिस को यह स्थान दिया गया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर सेफ पोर्टल भारत सरकार की एक पहल है। यह वर्तमान में साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश लगाने का काम कर रही है। इसमें देश की लॉ इंर्फोमेशन एजेंसियों की सूची जारी की गई है। मोबाइल नंबर धोखाधड़ी, बैंक अकाउंट नंबर, वॉलेट आदि की सूचना इस पोर्टल पर दर्ज की जाती है। इस पोर्टल का इस्तेमाल करने वालों में उत्तराखंड का पांचवा नंबर है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय साइबर मामलों में पीड़ित को त्वरित राहत दिलाने के लिए ई-सुरक्षा चक्र साइबर वित्तीय हेल्पलाइन-155260 का संचालन एसटीएफ के अंतर्गत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में किया जा रहा है। इसके माध्यम से 3759 शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की गई। लोगों के करीब एक करोड़ बीस लाख रुपये वापस दिलाए गए।
इन शिकायतों के बाद पूरे प्रदेश में वर्ष 2021 में कुल 534 मुकदमें दर्ज किए गए। बता दें कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल यानी एनसीआरपी के अंतर्गत साबिर टिपलाइन के माध्यम से सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई, आपत्तिजनकर सामग्री को पोस्ट करने वाले यूजर पर नजर रखी जा रही है। इस निगरानी की बदौलत अब चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 55 मुकदमें दर्ज किए गए हैं।