ठग ने उन्हें विभिन्न सेटिंग बदलने के लिए भी कहा। इसमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सेटिंग भी बदली गई। इसमें 98 हजार रुपये की कुछ समय के लिए ऑनलाइन लिमिट भरी गई। अफसर से कहा कि उन्हें एक कॉल आएगी। कॉल आई, लेकिन वह उठा नहीं पाईं।
उनके आई-मोबाइल एप में 98 हजार रुपये क्रेडिट कार्ड से खर्च होने का मैसेज आया। यह देखकर वह घबरा गईं और उस नंबर पर कॉल की। कथित कस्टमर केयर अधिकारी को अफसर ने कहा कि यह पैसे खर्च कैसे हो गए? इस पर उसने अफसर को बताया कि फिलहाल यह ट्रांजेक्शन दिखा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है।
यह केवल लिमिट बदली गई है। अफसर को विश्वास हो गया और उन्होंने फोन काट दिया। कुछ समय बाद बैंक से इस रकम को जमा करने के लिए फोन आने लगे। तब उन्हें पता चला कि यह उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। एसएचओ कैंट कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।