फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला IFS अफसर के साथ ठगी: कस्टमर केयर अधिकारी बनकर खाते से उड़ाए 98 हजार रुपये, तरीका जान चौक जाएंगे

Mon, 19 May 2025 10:10 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

Dehradun Crime News: ठगों ने इस तरह विश्वास दिलाया कि महिला अफसर शक करते हुए भी ठगी का शिकार हो गईं।
विज्ञापन
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर ठगों ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी को ही ठग लिया। ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से 98 हजार रुपये की खरीदारी कर डाली। पीड़ित अफसर को साइबर ठगों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर फोन किया था।

विज्ञापन


ठगों ने इस तरह विश्वास दिलाया कि महिला अफसर शक करते हुए भी ठगी का शिकार हो गईं। कथित रूप से उनके बैंक एप में सेटिंग से छेड़छाड़ हुई और यह रकम क्रेडिट कार्ड से कट गई। साइबर थाने की प्राथमिक जांच के बाद कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला अफसर ने पुलिस को बताया कि उन्हें आईसीआईसीआई बैंक से गत 25 फरवरी को क्रेडिट कार्ड मिला था। इसके ठीक एक महीने बाद 25 मार्च को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक के कस्टमर केयर का अधिकारी बताया और कहा कि एक महीने में सर्विस चार्ज लगा है, जिसे उन्हें देना होगा।

इस पर अफसर ने कहा कि इस कार्ड पर किसी तरह का चार्ज नहीं है, लेकिन कथित कस्टमर केयर अधिकारी ने उनसे कहा कि यह चार्ज क्रेडिट लिमिट प्रबंधन के बाद नहीं लगता। लिहाजा, लिमिट प्रबंधन कराना होगा। इस पर अफसर को संदेह हुआ, लेकिन इसी पल कथित कस्टमर केयर अधिकारी ने उनसे कहा कि बैंक आपसे ओटीपी, पिन आदि नहीं पूछता। ऐसे में किसी को भी ओटीपी और पिन न बताएं। यह बात सुनकर अफसर को विश्वास हो गया। इसके बाद साइबर ठग ने उन्हें आई-मोबाइल एप खोलने के लिए कहा।
विज्ञापन


Uttarakhand News: दिल्ली के गैंग से जुड़े हैं बांग्लादेशियों के तार, भारत लाने वालों की तलाश में जुटी पुलिस

विज्ञापन

ठग ने उन्हें विभिन्न सेटिंग बदलने के लिए भी कहा। इसमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सेटिंग भी बदली गई। इसमें 98 हजार रुपये की कुछ समय के लिए ऑनलाइन लिमिट भरी गई। अफसर से कहा कि उन्हें एक कॉल आएगी। कॉल आई, लेकिन वह उठा नहीं पाईं।

उनके आई-मोबाइल एप में 98 हजार रुपये क्रेडिट कार्ड से खर्च होने का मैसेज आया। यह देखकर वह घबरा गईं और उस नंबर पर कॉल की। कथित कस्टमर केयर अधिकारी को अफसर ने कहा कि यह पैसे खर्च कैसे हो गए? इस पर उसने अफसर को बताया कि फिलहाल यह ट्रांजेक्शन दिखा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है।

यह केवल लिमिट बदली गई है। अफसर को विश्वास हो गया और उन्होंने फोन काट दिया। कुछ समय बाद बैंक से इस रकम को जमा करने के लिए फोन आने लगे। तब उन्हें पता चला कि यह उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। एसएचओ कैंट कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें