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बैंक खाते की जानकारी दी तो लुट सकते हैं आप

Wed, 22 Jan 2014 11:43 PM IST
कुणाल दरगन/अमर उजाला, हरिद्वार
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यदि आप बैंक खाता संचालित कर रहे हैं तो जरा संभलकर। किसी अंजान फोन कॉल पर विश्वास कर आप अपनी गाढ़ी कमाई पल भर में खुद ही लुटा बैठेंगे।
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दरअसल, इन दिनों साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो खुद को बैंक अधिकारी बताकर खाते संबंधी जानकारी ले लेते हैं।

खाता कर लेते हैं हैक
साइबर अपराधी इंटरनेट बैकिंग पर आपका बैंक खाता हैक कर पल भर में खाते से रकम उड़ा देने की काबिलियत रखते हैं। साइबर क्राइम के नए ट्रेंड ने इन दिनों हरिद्वार पुलिस की नींद उड़ा रखी है।

बीते एक सप्ताह में इस तरह की मौखिक शिकायतें पुलिस तक पहुंच रही हैं, पर एक के अलावा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

हाईटेक हो चुके हैं अपराधी
पढे़ लिखे और हाईटेक तकनीक में माहिर ये शातिर अपराधी इंटरनेट बैंकिंग का खेल बखूबी जानते हैं। मोबाइल फोन पर संपर्क कर ये खुद का परिचय बैंककर्मी के तौर पर देते हैं और पड़ताल के बहाने से बैंक खाता और पिन कोड जान लेते हैं। इसके बाद इंटरनेट बैकिंग के जरिए खाते से दूसरे खाते में रकम ट्रांसफर कर देते हैं।
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आमजन विश्वास में आकर सोचता समझता नहीं है, पर खाते से रकम ट्रांसफर होने की बात जब सामने आती है तब अपना सिर पकड़ लेता है। इसलिए ऐसा फोन आने पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

पूर्वी उत्तर भारत से संचालित हो रहा गैंग
इन साइबर अपराधियों का ठिकाना पूर्वी उत्तर भारत के राज्य हैं। ये शिकार के खाते से रकम भी फर्जी आईडी से खोले गए खातों में ट्रांसफर करते हैं और मोबाइल फोन नंबर भी फर्जी आईडी से संचालित करते हैं।

मोबाइल फोन नंबर का इस्तेमाल भी केवल शिकार को फंदे में फंसाने के लिए करते हैं। दूर दराज के प्रदेशों से ताल्लुक होने की बात सामने आने पर पुलिस भी अधिक दिलचस्पी नहीं लेती है।
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बैंक प्रबंधन भी दे रहा जानकारी
हरिद्वार। ऐसे लोगों से सावधान रहने के लिए बैंक प्रबंधन भी अपनी शाखाओं में सावधानी के बोर्ड चस्पा कर रहे हैं। इन सुझावों को गंभीरता से लेने वाले बच सकते हैं।
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