साइबर अपराध की जांच के लिए प्रदेश के इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर अब एसटीएफ की एक बुकलेट (पुस्तिका) से प्रशिक्षण हासिल करेंगे। इसमें पीड़ित को फौरी राहत पहुंचाने से लेकर विवेचना तक के गुर शामिल किए जाएंगे। एसटीएफ ऐसी करीब 1500 पुस्तिकाएं प्रकाशित कराकर तीन दिन के भीतर वितरित करने जा रही है।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगभग 1200 दरोगा और बाकी इंस्पेक्टर हैं। कुल मिलाकर करीब 1500 बुकलेट प्रकाशित करा जा रही हैं। इन्हें तीन दिन के भीतर वितरित किया जाएगा। इसमें सभी प्रकार की जानकारी है, जिससे पीड़ितों को राहत दिलाई जा सकती है।
- खातों को जल्द से जल्द कैसे फ्रीज कराएं।
- यदि पैसा ई-वॉलेट में गया है तो उससे कैसे बात की जाए।
- ई-वॉलेट से पैसा कितने समय में वापस कराया जा सकता है।
- मुकदमा दर्ज होता है तो इसकी विवेचना मजबूत कैसे की जाए।
- लोगों को फौरी राहत के तौर पर वेबसाइट को कैसे ब्लॉक कराया जाए।
- फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कैसे संपर्क किया जाए।
100 दिन में वापस कराए 32 लाख रुपये
बीते तीन महीनों से एसटीएफ और साइबर थाने ने साइबर अपराधों की गहनता से विवेचना की है। इस दरम्यान बहुत से लोगों को फौरी राहत पहुंचाने के लिए पैसे भी वापस कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में करीब 100 दिनों में लोगों को उनका 32 लाख रुपये वापस कराया जा चुका है। इसके लिए एसएसपी एसटीएफ ने साइबर थाने की टी को बधाई दी है।
प्रदेश के सभी दरोगा और इंस्पेक्टरों को प्रशिक्षण बुकलेट बांटी जाएंगी। इसके लिए करीब 1500 बुकलेट प्रकाशित कराई जा रही हैं। डीजीपी के निर्देश पर इस प्रशिक्षण बुकलेट में सभी प्रकार की जरूरी जानकारी शामिल की जा रही है।
- अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ