आईजी लॉ एंड ऑर्डर ने की प्रेस कांफ्रेंस
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राज्य के डाटा सेंटर पर हुए हमले के बाद अफसरों ने अब सब कुछ सामान्य होने का दावा किया है। आईजी कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि सभी प्रकार का डाटा सुरक्षित है और बैक-अप से रिकवर कर लिया गया है। मुकदमे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
इसके पीछे कौन लोग हैं इस बात की जांच भी की जा रही है। साथ ही यह साइबर हमला था या फिर खुद से कोई वायरस आया इसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचने का दावा भी किया है। साइबर हमले के छह दिन बाद आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी एसटीएफ सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस और एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने पटेल भवन में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता की।
उन्होंने बताया कि गत दो अक्तूबर को आईटीडीए सर्वर को हैक कर लिया गया था। यह जानकारी उस वक्त लगी जब सीसीटीएनएस में कुछ शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा था। अचानक जब एप्लीकेशन ने काम करना बंद किया तो पता चला कि पूरा सर्वर ही डाउन हो गया है। ऐसे में आईटीडीए, एसटीएफ और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इसकी जांच शुरू की। प्राथमिक जांच के बाद गत चार अक्तूबर को ही सीसीटीएनएस की प्रभारी इंस्पेक्टर की ओर से साइबर थाने में एक मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया।
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हैकर्स ने दो ई-मेल आईडी देते हुए उनसे संपर्क करने की बात लिखी थी। शुरुआती पड़ताल में यह जानकारी मिली कि हैकर्स सर्वर को कुछ फिरौती लेने के बाद ही चालू करेंगे। अवैध रूप से उन्होंने कुछेक वेबसाइट में बदलाव भी किए थे। ऐसे में सभी वेबसाइट और एप्लीकेशन की स्कैनिंग शुरू की गई।
आईजी ने बताया कि हैकर्स से कोई समझौता नहीं किया गया है। बल्कि विशेषज्ञों की टीम ने अब पूरे सर्वर को सामान्य कर दिया है। अब लगभग सभी वेबसाइट पर काम सुचारू हो गया है। मुकदमे की विवेचना के लिए डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन भी कर दिया गया है। आईजी ने बताया कि मामले में जल्द ही जांच टीम किसी नतीजे पर पहुंचेगी। हालांकि, अभी तक हैकर्स कहां के हैं इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है।