उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में घर से नदी पार कर नानकमत्ता आ रहे छात्र को मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया। छात्र को मगरमच्छ का शिकार बनने की खबर से डैमपार के गांवों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने छात्र को बचाने के लिए तीन घंटे तक नदी में उसकी तलाश की। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला है। एनडीआरएफ की टीम ने नदी में डेरा डाल लिया है। बुधवार को नाव से छात्र और मगरमच्छ की तलाश की जाएगी।
नानकसागर डैमपार के ज्ञानपुर गौड़ी निवासी लखमीर सिंह के बेटे संदीप सिंह (14) और हरजीत सिंह (12) कोदाखेड़ा गांव में अपनी बुआ सत्तो कौर पत्नी लखमीर सिंह के घर रहकर नानकमत्ता गुरुनानक इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। शनिवार को दोनों भाई डैमपार अपने घर गए थे।
मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे संदीप अपने भाई हरजीत और गांव के एक अन्य किशोर सुंदर सिंह पुत्र करम सिंह के साथ देवहा नदी पार कर नानकमत्ता आ रहा था। इस दौरान गौढ़ी घाट पर मगरमच्छ ने संदीप को दबोच लिया।
मगरमच्छ ऊपर आया तो मुंह में दबा था संदीप
संदीप की तलाश करती टीम
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हरजीत और सुंदर की चीख पुकार सुन वहां लोगों को भीड़ लग गई। लोगों ने आधे घंटे तक मगरमच्छ को ढूंढने की कोशिश की। इसी बीच, मगरमच्छ ऊपर आया तो उसके मुहं में संदीप दबा हुआ था।
ग्रामीणों ने एसडीएम अनिल शुक्ला और तहसीलदार आरसी गौतम और एनडीआरएफ की टीम को मामले से अवगत कराया और नदी में संदीप की तलाश में जुट गए। शाम करीब छह बजे एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पहुंची और अंधेरा होने तक संदीप की खोज में लगी रही। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अंधेरा होने पर खोजबीन बंद कर दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार को नाव से नदी में संदीप की तलाश की जाएगी। संदीप को मगरमच्छ के अपना शिकार बनाने से उसके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मां कृष्णा कौर का रो-रोकर बुरा हाल है।
गिधौर में भी एक बच्चे को खा गया था मगरमच्छ
river
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दो वर्ष पूर्व नानकसागर डैमपार के गिधौर गांव में मगरमच्छ ने एक बच्चे पर हमला बोला था। उसे भी मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया था और उसकी मौत हो गई थी। अब ज्ञानपुर गौढ़ी में मगरमच्छ के हमले से लोग दहशतजदा हैं। ब्यूरो
जान जोखिम में डालकर लेते हैं शिक्षा
नानकसागर डैमपार के बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल शिक्षा ग्रहण करने के लिए धार्मिक नगरी आते हैं। ज्ञानपुर गौढ़ी में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के साथ ही स्कूलों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। देवहा नदी पर कोई पुलिया नहीं है। जिससे बरसात के दिनों में नानकमत्ता स्कूलों में पढ़ने आने वाले बच्चों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। पुलिया न बनने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
डाक भुजिया के युवक को काटा
मगरमच्छ ने डाक भुजिया के गुरमीत सिंह (18) पुत्र सुंदर सिंह पर भी हमला कर दिया। उसके साथी युवकों ने उसे बचा लिया। ज्ञानपुर गौढ़ी से गुरमीत अपने घर लौट कर आ रहा था। उस पर भी देवहा नदी पार करते वक्त मगरमच्छ ने हमला बोला। जिससे वह घायल हो गया।