महिला ने जान पहचान होने पर मोबाइल से बातचीत शुरू कर दी थी। चार दिन पूर्व महिला ने उसे रुड़की स्थित अपने घर पर मिलने बुलाया। वह महिला के घर पहुंचा तो दो अन्य लोग वहां आ गए। इसी बीच महिला ने उस पर दुराचार का आरोप लगा दिया। इस पर दोनों ने मामले को निपटाने के लिए दो लाख रुपये की मांग की।
मना करने पर 50 हजार रुपये में उन्होंने मामले को निपटाने की बात कही। एसपी देहात ने बताया कि शिकायत पर एसएसआई रणजीत सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
एसएसआई ने मोहित से महिला का नंबर लेकर उसे फोन किया और 50 हजार रुपये लेने के लिए एक रेस्टोरेंट में बुलाया, लेकिन रेस्टोरेंट में रुपये लेने एक व्यक्ति पहुंचा। जैसे ही उसने 50 हजार रुपये दिए तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम वीरेंद्र सिंह, निवासी गांव रमाला, बागपत और हाल निवासी गंगा एनक्लेव रुड़की बताया।
साथ ही बताया कि उसका बेटा अनंत वर्मा और पुत्रवधू राशी वर्मा भी इसमें शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने घर पहुंचकर बेटे अनंत और बहू को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी देहात के अनुसार, पूछताछ में उन्होंने बताया कि तीनों करीब छह लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
आर्थिक स्थिति खराब होने पर चुना अपराध का रास्ता
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी की कई साल पूर्व मौत हो चुकी है। इसके बाद बेटे की शादी हो गई। वह बेटे और पुत्रवधू के साथ रुड़की में रह रहा था। इस दौरान उसे पैरालाइसेस हो गया था। इलाज में बहुत पैसे खर्च होने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई। लिहाजा उसने बेटे और बहू के साथ मिलकर लोगों को ब्लैकमेल कर ठगने का प्लान बनाया।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसएसआई रणजीत सिंह तोमर, एसआई विनोद कुमार भट्ट, महिला एसआई प्रीति तोमर समेत कपिल देव और रविंद्र कुमार।