इंस्पेक्टर पति पर पेट्रोल डालकर हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी बीवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पत्नी को सजा दिलाने में इंस्पेक्टर के मृत्यु पूर्व दिए बयान महत्वपूर्ण रहे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिजेंद्र सिंह की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए दोषी पत्नी को उम्रकैद के साथ दस हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
मूल रूप से बागेश्वर के कोलतुलारी (देवनाई) निवासी इंस्पेक्टर रामलाल आर्य (56) पुत्र गुसाईं राम आर्य वर्ष 2012 में पुलिस मुख्यालय स्थित शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात थे।
बसंत विहार के इंदिरानगर स्थित घर में 31 मार्च 2012 की सुबह पत्नी राधा आर्य ने पेट्रोल डालकर उन्हें जला दिया था। घटना के वक्त सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा बेटा दिनेश भी घर पर था।
मौत से पहले बयान बना अहम सबूत
85 फीसदी झुलसे इंस्पेक्टर आर्य को पड़ोसियों की मदद से कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया गया। यहां एसडीएम ने उनके मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किए। दोपहर में उन्हें सफदरजंग अस्पताल (दिल्ली) रेफर कर दिया गया, जहां एक अप्रैल की सुबह उनकी मौत हो गई थी।
मामले में इंस्पेक्टर आर्य की बहन पानुली देवी ने बसंत विहार थाने में पत्नी राधा आर्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में 60 दिन के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 12 गवाह पेश किए गए।
इनमें पड़ोसी के साथ पुलिस, इलाज करने वाले डॉक्टर और दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर शामिल थे। बचाव पक्ष से एकमात्र गवाह इंस्पेक्टर आर्य के बेटे दिनेश कुमार रहे। इंस्पेक्टर ने मृत्यु पूर्व दिए बयान में कहा था कि उन्हें पत्नी ने पेट्रोल डालकर जलाया है। कोर्ट ने महत्वपूर्ण मानते हुए राधा आर्य को हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।