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देहरादूनः मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पकड़े शातिर बदमाश

Tue, 03 Nov 2015 01:21 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में सेना से सेवानिवृत्त मेजर जनरल के आवास से लूट के मामले में पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को सेलाकुई की एक कोठी से मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
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बदमाशों की तरफ से तीन और पुलिस की ओर से दो फायर किए जाने का दावा किया गया है। तीसरा बदमाश फरार है, जोकि मुख्य आरोपी का भाई बताया जा रहा है। बदमाशों के पास से लूट के माल के साथ दो पिस्तौल और एक अन्य घटना में लूटी गई कार मिली है। बदमाशों ने फौजी और उनके परिवार में दहशत पैदा करने के लिए पेट्रोल छिड़कने और आतंकी होने का ड्रामा किया था। एमएससी पढ़ा मुख्य आरोपी प्रदीप बैंक में नौकरी के दौरान 52 लाख की ठगी करने के बाद हो चुका है बर्खास्त।

प्रेमनगर के डूंगा गांव में 25 अक्तूबर की रात दो सशस्त्र बदमाशों ने मेजर जनरल (रि.) लालजी देवेंद्र सिंह के आवास में घुसकर लूटपाट की थी। परिजनों को बंधक बनाकर पेट्रोल छिड़कने के साथ खुद को पाकिस्तानी आतंकी बताया था। जाते समय बदमाश जनरल की दत्तक पुत्री को साथ ले गए थे। बाद में 100 रुपए देकर ऑटो से वापस भेजा था। उस दिन से पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी थीं।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि रविवार देर रात सूचना मिली थी कि सेलाकुई स्थित एक कोठी में कुछ बदमाश छिपे हैं। इसके बाद एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में कई थानों की पुलिस ने कोठी को घेर लिया। पुलिस ने कोठी का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो बदमाशों ने अंदर से फायरिंग शुरू कर दी।

जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने रायफलों की बटों से दो गेटों के दरवाजे तोड़कर प्रदीप कुमार, निवासी नवादा चौहान थाना नहटौर और केशव, निवासी शक्तिनगर धामपुर (दोनों बिजनौर यूपी) को गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप का भाई अंकित भी साजिश में शामिल था, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह और सीओ सिटी मनोज कत्याल इस दौरान मौजूद थे।

लूट से पहले की थी रेकी
बदमाशों ने लूट से पहले जनरल के आवास की रेकी की थी। 19 अक्तूबर के आसपास यह लोग टहलकर गए थे। 25 अक्तूबर की रात पौने आठ बजे के करीब अंकित दोनों को मोटरसाइकिल पर कोठी के पास छोड़ गया था। कोठी में घुसते ही बदमाशों ने पहले नौकर को दबोचा था। इसके बाद जनरल की पत्नी, दत्तक पुत्री और एक अन्य महिला को बंधक बनाया था। आधा घंटे बाद जनरल आए तो डराकर उन्हें भी कब्जे में कर लिया था।

यह सामान बरामद
बदमाशों के पास से दो पिस्टल (7.65 एमएम) एवं सात कारतूस के अलावा लूटी गई कार, तीन मोबाइल, कान के झुमके, चेन और कड़े आदि मिले हैं। बरामद कार बदमाशों ने बीस दिन पहले दिल्ली से बुक कराकर बिजनौर के अफजलगढ़ के पास लूटी थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज है।

52 लाख की ठगी करने के बाद आया था दून
एसएसपी ने बताया कि मास्टर माइंड प्रदीप बिजनौर के एक बैंक में क्लर्क रहा है। बीएससी और एमएससी की पढ़ाने करने वाले प्रदीप ने बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 52 लाख रुपये की ठगी की थी।

ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद आरोपी दून में आकर छिप गया था। पुलिस का कहना है कि बदमाशों के अन्य अपराधों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। प्रदीप का भाई अंकित सेलाकुई में एक फैक्ट्री में काम करता है।

स्केच रहा मददगार
कप्तान दाते ने दावा किया कि इस बार बदमाशों का स्केच काफी मददगार रहा। एक बदमाश तो घटना के दौरान मुंह ढका था, लेकिन बाद में उसने लड़की के सामने मुंह खोल दिया था। इसी आधार पर दोनों के स्केच बनाए गए थे। स्केच देखकर ही कुछ लोगों ने इस हुलिए के युवकों को आसपास देखे जाने की पुष्टि की थी। इसी आधार पर बढ़ी जांच के बाद कामयाबी मिली। एसएसपी ने कहा कि स्केच बनाने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा।

फोटो देखकर रची आतंकी की कहानी
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि कोठी के अंदर जनरल की पूर्व राष्ट्रपति मरहूम अब्दुल कलाम के साथ फोटो देखकर प्रदीप ने आतंकी होने का नाटक रचा था। बाकायदा करांची फोन करने के साथ थाना उड़ाने की धमकी तक दे डाली थी। इसी वजह से वन रैंक, वन पेंशन का सवाल किया था।
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जनरल की दत्तक पुत्री सुलेखा को बदमाश सुरक्षित निकलने के इरादे से ले गए थे। केशव तो पहले निकल गया था, लेकिन प्रदीप बाद में छात्रा को ऑटो में बैठाकर गया। हालांकि जनरल और उसके परिजनों ने उसे छोड़कर दूसरे को ले जाने की गुहार लगाई थी। लेकिन बदमाश समझ गए थे कि बेटी के वापस आने तक वह चुप रहेंगे।
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