उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के पूर्व पीए का बेटा जहर खुरानी गिरोह की लूट का शिकार हुआ।
मंगलवार सुबह वह अवधपुरी कॉलोनी सेलटैक्स रोड पर एक मकान के सामने अचेत हालत में पड़ा मिला। मकान मालिक की सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष जहरखुरानी के शिकार युवक के परिजनों को लेकर मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद शाम को परिजन उसे लेकर देहरादून के लिए रवाना हो गए।
रावतपुर रेलवे स्टेशन के सामने सोमवार दोपहर बरगद के पेड़ के नीचे महिला होमगार्ड उषा चतुर्वेदी को एक बैग मिला। होमगार्ड ने स्वरूप नगर थाने में बैग जमा कर दिया। पुलिस ने बैग में मिले मोबाइल से पड़ताल की तो पता चला कि बैग देहरादून के सरस्वती विहार निवासी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के पीए बेचैन कंडियाल के बेटे अंकित (27) का है।
परिजनों ने बताया कि अंकित दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से लखनऊ जाने के लिए निकला था। इसके बाद से उसका फोन स्विचऑफ जा रहा है। बेटे के लापता होने की बात सामने आते ही रात को ही बेचैन कुछ लोगों के साथ शहर पहुंच गए। मंगलवार सुबह अवधपुरी कॉलोनी में अंकित के मिलने की सूचना पर सुरेंद्र मैथानी, बेचैन कंडियाल को लेकर पहुंचे और अंकित को घर लेकर आए।
जहरखुरानी का असर होने के चलते वह होश में नहीं था। केवल इतना बता सका कि दिल्ली से दो युवक उसके साथ बैठे थे। कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर 15 हजार रुपये, एक मोबाइल लूट लिया। इसके बाद से उसे कुछ याद नहीं। इतना याद है कि बस से उसे जबरन उतारा गया था। परिजनों ने डॉक्टरों को दिखाने के बाद पुलिस को सूचना दी और शाम को घर के लिए रवाना हो गए।
बेचैन खंडियाल का लापता बेटा अवधपुरी के एक मकान के पास मिल गया। उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया है। उसे बस से जबरन उतारने वाले बस ड्राइवर और परिचालक की पहचान होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- सचिंद्र पटेल, एसपी पश्चिम
बस चालक और परिचालक ने धक्के देकर उतारा
अंकित ने बताया कि जहरखुरानी के चलते उसकी हालत खराब हो गई थी। बस चालक और परिचालक ने उसे धक्के देकर उतार दिया। वह इधर-उधर भटकता रहा। स्वरूप नगर इंस्पेक्टर कमल यादव ने बताया कि अंकित के पास बस का टिकट नहीं मिला है।
इससे यह पता करने में मुश्किल आ रही है कि वह किस बस से आया था। बस में अगर इस तरह की घटना होती है तो चालक या परिचालक को पुलिस को सूचना देनी चाहिए। पीड़ित को हॉस्पिटल में एडमिट कराना चाहिए था। समय के आधार पर बस की पहचान की कोशिश की जा रही है।
गर्लफ्रेंड को पुलिस ने छकाया
अंकित के लापता होने के बाद पुलिस ने फेसबुक प्रोफाइल चेक किया तो उसकी एक गर्लफ्रेंड सामने आई। मोबाइल में भी बार-बार उसी से बातचीत की डिटेल निकली। पुलिस ने शक के आधार पर फोन पर युवती से घंटों पूछताछ की और शहर बुलाया। उसने सुबह कानपुर पहुंचने की बात कही थी। इससे पहले ही अंकित का पता चल गया।
पेपर पढ़कर अंकित को पहचाना
अवधपुरी निवासी नेगी के घर के सामने अंकित बेसुध हालत में पड़ा था। अंकित बार-बार यही बोल रहा था कि पापा गेट खोलो मैं आ गया हूं। नेगी ने अंकित को देखा तो तुरंत पहचान लिया कि पेपर में इसके लापता होने की खबर छपी है। इसके बाद घर के बाहर अंकित के होने की सूचना सुरेंद्र मैथानी को फोन पर दी। उधर, सीएम और लखनऊ से कई फोन आने के बाद रात भर पुलिस गली-गली की खाक छानती रही, लेकिन अंकित के शहर में होने के बावजूद पता नहीं लगा सकी।