काशीपुर में हुई ऑनर किलिंग में बेरहमी से मारी गई साहिबा मरने के बाद से अपनी बहन के सपने में रोज आ रही है।
18 वर्षीय साहिबा को उसकी मां और दो भाइयों ने अपनी आन के लिए मार डाला। दरअसल मां और भाई साहिबा के प्रेमी के साथ भागने से खासे गुस्साए थे। बताया जाता है कि मां और भाइयों ने उसको सरियों से पीट-पीट कर पहले अधमरा किया और फिर गला घोंटकर मार डाला।
इसका किसी को पता न चले उन्होंने उसके शव को घर के आंगन में ही दफना दिया। काशीपुर की ढेला बस्ती निवासी नाजिर मुरादाबाद में रहता है। उसका बड़ा बेटा नाजिम (32) शादीशुदा है, जो किराए के मकान में अलग रहता है। पत्नी भूरी, साहिबा (18), सबाना (16), सबीना (11), भाई आरिफ (22) और नन्हू (14) एक साथ ढेला बस्ती में रहते हैं।
बताया जाता है कि साहिबा का एक युवक से प्रेम संबंध थे। इससे परिवार वालों की बस्ती में बदनामी हो रही थी। बहन का प्रेम संबंध भाइयों को बर्दाश्त नहीं था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना तीन-चार मार्च की है। साहिबा शाम को प्रेमी के साथ भागी तो उसकी मां रेलवे स्टेशन से पकड़कर उसे घर ले आई। इसके बाद मां और दोनों भाइयों ने साहिबा को पहले सरियों से पीटा। उसके अधमरा होने पर उन्होंने उसी के दुपट्टे से गलाघोंटकर उसे मार डाला। इसके बाद आंगन में ही उसे दफना दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक साहिबा की हत्या से पहले उन्होंने सबसे छोटी बहन सबीना को गली में खेलने भेज दिया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कई घंटे बाद दरवाजा खोला गया।
शव के ऊपर रोज जलाती थी अगरबत्ती
भूरी ने अपने बेटों के साथ मिलकर पहले तो पुत्री की हत्या कर शव को घर के आंगन में दफनाया।
फिर उस स्थान पर रोज अगरबत्ती जलाती रही। किसी को एहसास तक नहीं होने दिया कि जवान लड़की को घर में ही दफनाया हुआ है। लोगों से कहती रही कि साहिबा अपने यार के साथ भाग गई है।
शव से दुर्गंध उठने पर खुला राज
साहिबा को मारकर तो दफना दिया लेकिन उसके शरीर की दुर्गंध ने राज खोल दिया। मृतका की छोटी बहन सबाना ने बताया कि वह बड़ी बहन रुखसार के पास हल्द्वानी में थी। जब घर आई तो मां ने बताया कि साहिबा किसी के साथ भाग गई है।
उसने देखा कि मां रोज आंगन के कोने में अगरबत्ती जला रही है। उस स्थान से दुर्गंध उठ रही थी। तब उसको शक होने लगा कि भाइयों ने कहीं साहिबा को मार कर यहां पर दफना तो नहीं दिया है।
शनिवार को मां भूरी अपने पिता के घर गई थी। तब उसने मौका पाते ही उस स्थान को खोदा जहां से बदबू आ रही थी। गड्ढा खोदने से दुर्गंध और तेज हो गई। फिर साहिबा के पैर दिखने लगे। इस पर उसने पुलिस को जाकर घटना की जानकारी दी। इसी दौरान उसकी बड़ी बहन रुखसार हल्द्वानी से आ गई।
15 दिन से सपने में आ रही थी साहिबा
मृतक साहिबा की बड़ी बहन रुखसार का विवाह हल्द्वानी में हुआ है। वह शनिवार को अपने मायके काशीपुर आई थी। उसने बताया कि दस पंद्रह दिनों से साहिबा रोज उसके सपने में आ रही थी।
वह कह रही थी- मैं भूखी हूं। उधर, मां ने उसे फोन पर बताया कि साहिबा किसी के साथ भाग गई है, लेकिन उसे विश्वास नहीं हुआ।
पुलिस गिरफ्त में दो कातिल
ढेला बस्ती निवासी साहिबा की हत्या कर शव को घर के आंगन में गाड़ने की आरोपी मृतका की मां और एक भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों में एसएसआई अरुण कुमार की टीम ने इस सनसनीखेज निर्मम हत्याकांड के दो आरोपी मृतका की मां और एक भाई को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। दूसरे भाई की तलाश की जा रही है।