नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत में दोष साबित हो गया है।
लालकुआं थाने का मामला
सोमवार को अभियुक्त को सजा सुनाई जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उत्तराखंड के लालकुआं निवासी व्यक्ति ने दो फरवरी 2013 को लालकुआं थाने में अपनी 15 वर्षीय बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कहा गया कि रीतराम पुत्र रोशन लाल निवासी बिचपुरी बरेली रिश्ते में उनका सौतेला साला है। उसका उनके घर आना-जाना है। 23 जनवरी को वह उनकी बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 366 व 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले के विवेचक एसएसआई चंद्र मोहन ने 17 नवंबर को आरोपी को वर्मा लाइन सलानीगोठ टनकपुर (चंपावत) क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके साथ किशोरी भी थी।
164 के बयान में भी किशोरी ने आरोपी पर बहलाकर ले जाने, विवाह के लिए दबाव बनाने और लगातार शारीरिक संबंध बनाने की बात कही। सुनवाई के दौरान एडीजीसी घनश्याम पंत ने आठ गवाह पेश किए। शनिवार को न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। सोमवार को सजा सुनाई जाएगी।