षडयंत्र कहीं, हत्या कहीं और लाश ठिकाने लगाए जा रहे हैं ऊधमसिंह नगर में। फलस्वरूप जिला लाशों का डंपिंग जोन बन चुका है। यही कारण है कि बीते आठ माह के भीतर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक महिला समेत 31 लोगों की लाश मिल चुकी है।
इसमें से पुलिस अब तक केवल पांच की ही शिनाख्त कर पाई है। बाकी अन्य 26 लाशें किसकी हैं, और कहां से आई इसका पुलिस अब तक पता नहीं कर पाई है।
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अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला
औद्योगिकीकरण के बाद जिला ऊधमसिंह नगर की जनसंख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। इसके साथ ही जिले में हत्या, लूट, अपहरण के साथ ही अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला चल निकला।
इसका एक कारण जहां रोजगार की तलाश में बाहरी राज्यों से आए लोगों के साथ ही अपराधी अपनी पहचान छिपाने के मकसद से यहां आकर बस गए। वहीं जिले की सीमा यूपी के पीलीभीत, बरेली, रामपुर व बिजनौर से लगते हैं, इससे यूपी के आपराधिक तत्व हत्या को अंजाम कहीं और देकर शव जिले की सीमा में फेंक जाते हैं।
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महिला समेत 31 लोगों की लाशें मिली
परिणाम स्वरूप जनवरी 2013 से 30 अगस्त तक जिले में एक महिला समेत 31 लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। इनमें से केवल पांच पुरुष लाशों की ही पुलिस शिनाख्त कर पाई है।
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जबकि 25 पुरुष और एक महिला की लाश समेत 26 की पुलिस अब तक शिनाख्त नहीं कर पाई है। शिनाख्त न होने पर उनकी हत्या हुई है, या फिर किन्हीं और कारणों से उनकी मौत हुई है, एक पहेली बनी हुई है।
थानावार मिली लाशों का ब्यौरा
थाना जिले में मिली लाशें काशीपुर 12 बाजपुर 3 खटीमा 3 नानकमत्ता 2 गदरपुर 2 किच्छा 2 रुद्रपुर 2 पंतनगर 3 सितारगंज 1 जसपुर 1