तेंदुए की खाल की तस्करी के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार पांडेय ने दो आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
2009 में हुए थे गिरफ्तार
वर्ष 2009 के सितंबर माह में पुलिस की एसओजी (स्पेशल टास्क फोर्स) टीम ने बदरीनाथ हाईवे के पुरसाड़ी के पास से नीरज खत्री और रमेश चंद्र बडोनी को तेंदुए की दो खालों के साथ पकड़ा था।
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इसके बाद दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना चमोली में तेंदुए की खाल की तस्करी का मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच वन विभाग को सौंपी गई।
अदालत ने पाया दोषी
विभाग के सहायक वन्य जीव प्रतिपालक होरी लाल ने जांच के बाद न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार पांडेय की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया।
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अदालत ने दोनों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता सबर सिंह कुंवर और सरोज भट्ट ने मामले की पैरवी की।