पुलिस के पास जाती हूं तो घर का मामला कहकर भगा देते हैं और घर जाती हूं तो वहां पर सौतन और उसके बच्चे मारपीट करते हैं। तो मैं जाऊं तो कहां जाऊं, इसलिए जान देने को गंगनहर में कूदी थी, लेकिन लोगों ने बचा लिया तो इसमें मेरा क्या दोष।
यह पीड़ा भरे शब्द उत्तराखंड में हरिद्वार जिले की एक ऐसी विवाहिता के हैं, जिसने प्यार में पड़कर पहले से ही शादीशुदा एवं चार बच्चों के पिता से निकाह कर लिया।
चार साल पहले निकाह
उसकी उम्र के उसके पति के बच्चों और पहली पत्नी ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। मामला है ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र का जिसमें अहबाबनगर की महिला का चार साल पहले निकाह हुआ था। कुछ दिन ठीक चला।
महिला के अनुसार अपनी मर्जी से निकाह करने पर उसके मायके पक्ष के लोग भी उसकी नहीं सुनते हैं। बताया कि पिछले कई दिनों से ससुराल में उसे परेशान किया जा रहा है जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या करने की ठानी और जटवाड़ा पुल से छलांग लगा दी, लेकिन वहां पर कुछ लोगों ने उसे गंगनहर से निकाल लिया और पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस उसे ज्वालापुर कोतवाली लेकर आई। ज्वालापुर कोतवाली के प्रभारी पंकज गैरोला ने बताया कि पीड़ित महिला ने तहरीर दी है जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही हैं। पुलिस ने उसे मायके वालों के सुपुर्द कर दिया।