लालच में फंसे ज्वैलर्स से कार सवार जालसाज 90 लाख रुपये कीमत का तीन किलो सोना ठगकर फरार हो गए। ठगों ने सोने की डिलीवरी प्रतिष्ठान के बजाए कार के अंदर ली।
पहले असली नोटों की गड्डी दिखाई गई, लेकिन जाते समय डेढ़ करोड़ के नोटों के रूप में कागजों की गड्डी थमाकर फरार हो गए। पुलिस सौदेबाजी में शामिल रहे तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
ठगों ने झांसा दिया था कि पंजाब के एक बाबा दो हजार रुपये के नोटों का सोने में निवेश कर रहे है, इस कारण वह ऊंचे दामों पर सोना खरीदने को तैयार है।
तीन किलो सोने की ठगी की यह वारदात बुधवार को नेहरू कालोनी के अजबपुर कलां सचिन ज्वैलर्स के मालिक सचिन रस्तौगी के साथ हुई। 22 अप्रैल को परिचितों ने सराफ सचिन को ऑफर दिया था कि पंजाब के एक बाबा पांच किलो सोना खरीदने की चाह रखते है।
उनके पास 200 करोड़ की संपत्ति है। भविष्य में दो हजार रुपये का नोट बंद होने की आशंका के चलते वह कैश का सोने में निवेश करना चाहते है। वह सोने के ऊंचे दाम देने को भी तैयार है।
लालच में आए सर्राफ सचिन रस्तौगी ने भागदौड़ कर तीन किलो सोने का इंतजाम कर बुधवार को डिलीवरी के लिए बुला लिया। सर्राफ के परिचित तीनों लोग तो कमीशन के लालच में प्रतिष्ठान पर बैठे रहे, जबकि सर्राफ एक हाथ में सोना देकर दूसरे हाथ से कैश लेने के मकसद से कार के अंदर पहुंच गए। कार सवार तीन लोगों ने सर्राफ को दो-दो हजार रुपये की तीन गड्डी दिखाकर बैग में डेढ़ करोड़ रुपये होने की बात कही।
ठगों तक पहुंचने को जोड़नी पडे़गी कई कड़ी
लालच में फंसे सचिन रस्तौगी ने बैग में भरी गड्डियों को परखने की जरूरत महसूस नहीं की। जालसाज तीन किलो सोना लेकर फुर्र हो गए। सर्राफ ने दुकान पर जाकर बैग खोला तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई, क्याेंकि गड्डियों के ऊपर लगा दो हजार का नोट तो असली था, लेकिन अंदर और पीछे कागज ही कागज थे।
बदहवाश हालत में सराफ ने अपने साथियों को इसकी जानकारी दी, तब जाकर पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना पाकर एसपी सिटी अजय सिंह, सीओ डालनवाला और एसओ नेहरू कालोनी मौके पर आकर जांच पड़ताल की। पुलिस सौदेबाजी में शामिल रहे तीन लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले आई है। देर रात सराफ की तरफ से अज्ञात के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जागरूकता की वजह से बचा एक सर्राफ
जालसाजों का यह गैंग कई दिन से शहर के कई सराफ के संपर्क में था। एक अन्य से उनकी सौदेबाजी हो गई थी। सराफ मशीन से नोटों की गिनती कराए बिना सोना देने को तैयार नहीं है। ऐसे में पोल खुलने के डर से उन्होंने उस सराफ से किनारा कर लिया, लेकिन सचिन ज्वैलर्स का मालिक उनके झांसे में आकर ठगी का शिकार बन गया।
ठगों तक पहुंचने को जोड़नी पडे़गी कई कड़ी
90 लाख रुपये कीमत का सोना लेकर फुर्र हुए ठगाें तक पहुंचने के लिए पुलिस को खूब मशक्कत करनी पडे़गी, क्याेंकि यह लोग अलग-अलग माध्यम से संपर्क में आए है। पूछताछ में तीनों लोग सीधे तौर से उनसे परिचित नहीं है। कई अन्य उनके परिचितों के नाम का सहारा लेकर उन्हें सोना खरीद में कमीशन का लालच दिया गया था।