पहले दिन से अमर उजाला देहरादून नारी निकेतन में जिस घटना के घटित होने की बात कह रहा है, आखिर वह सच निकली। पुलिस एसआईटी की कुछ घंटों की जांच में ही साफ हो गया कि नारी निकेतन में संवासिनी का गर्भपात हुआ था। हालांकि आला अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इससे पहले मंगलवार को घंटों की मशक्कत के बाद एसआईटी ने उस मूक बधिर संवासिनी को खोज लिया, जिसका गर्भपात हुआ था। देर शाम पुलिस अभिरक्षा में उसे महिला अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भर्ती कराया गया है।
एसआईटी नारी निकेतन की नर्स, दो होमगार्ड समेत पांच कर्मचारियों से देर रात तक पूछताछ कर साजिश में शामिल चेहरों को बेनकाब करने में जुटी थी। एसआईटी ने पूरा रिकार्ड कब्जे में ले लिया है और एक-दो दिन में मामले का खुलासा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
पीड़ित मूक बधिर संवासिनी तक पहुंची एसआईटी
बता दें, अमर उजाला ने फैक्स के जरिए मिले पत्र के आधार पर 17 नवंबर को संवासिनी के साथ रेप और गर्भपात का मुद्दा उठाते हुए नारी निकेतन की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा किया था।
डीएम के आदेश पर एडीएम झरना कमठान की अगुवाई वाली जांच टीम ने जब तीन संवासिनियों का मेडिकल कराया था, तब भी अमर उजाला ने सवाल उठाया था कि जांच भटक गई है। हालांकि जांच में आए तथ्यों के आधार पर टीम का नतीजा भी यही रहा कि कुछ ना कुछ गड़बड़ है।
शासन के आदेश पर पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह की अगुवाई में गठित हुई एसआईटी मंगलवार सुबह से ही अपनी कार्रवाई में जुट गई। एसएसपी डा सदानंद के साथ जांच समिति की रिपोर्ट पर मंत्रणा करने के बाद एसआईटी सीधे नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र स्थित नारी निकेतन पहुंची, जहां करीब दो घंटे तक पूछताछ का दौर चला।
एसआईटी टीम के साथ मौजूद रही एडीएम
इसी दौरान शाम को मूक बधिर संवासिनी को अस्पताल ले जाया गया, जहां एडीएम (वित्त एवं राजस्व) झरना कमठान भी पहुंच गईं। एसआईटी ने नारी निकेतन की नर्स के अलावा रात-दिन ड्यूटी करने वाले होमगार्ड समेत पांच कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ की।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एसआईटी प्रभारी एसपी सिटी अजय सिंह और एडीएम कमठान भी पूछताछ के दौरान मौजूद रहीं। पहले तो नर्स और होमगार्ड इस मामले पर चुप्पी साधे रहे, लेकिन टीम जब थोड़ा सख्त हुई तो धीरे-धीरे उनके सुर बदलते चले गए।
बोले एसएसपी
‘एसआईटी मामले की जांच कर रही है। अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’
-डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक