फिल्मी हीरो बनने के चक्कर में एक किशोर रविवार शाम अपने घर से दस तोले सोने के जेवरात और 20 हजार रुपए लेकर चंपत हो गया। सूचना पर मुखानी चौकी की पुलिस ने उसे सिडकुल से जेवरात के साथ पकड़ लिया।
किशोर ने बताया कि वह हीरो और म्यूजिक डायरेक्टर बनना चाहता था। पुलिस ने किशोर से पूछताछ के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मुक्तेश्वर जिले के धारी कोश्याकुटौली निवासी किसान का 16 वर्षीय बेटा कमलुवागांजा गिरजा विहार में अपने चाचा के साथ रहता है। सोमवार को चाचा किसी काम से बाहर गए थे। घर में सिर्फ उसकी दादी थी।
इस बीच, मौका पाकर उसने अलमारी से 20 हजार रुपए नगद, सोने के दो मांग टीके, दो मंगलसूत्र, सोने का एक ग्लोबंद, चांदी की एक चेन, पाजेब समेत दस तोले सोने के जेवरात निकालकर झोले में भर लिया। इसके बाद हीरो बनने मुंबई के लिए निकल गया।
भाई को भेजे मैसेज से फंस गया
उसने अपने चचेरे भाई को एसएमएस कर बताया कि वह घर से जा रहा है। अपनी योजना को डायरी में लिख दिया है, देख लेना। एसएमएस मिलने के बाद चचेरे भाई ने डायरी पढ़ी। लिखा था कि वह हीरो या म्यूजिक डायरेक्टर बनने मुंबई जा रहा है। चचेरे भाई ने इसकी सूचना मुखानी चौकी प्रभारी ललित जोशी को दी।
चौकी प्रभारी ने किशोर की फोटो लेने के बाद सिडकुल में सिपाहियों को भेजा, क्योंकि किशोर ने डेढ़ माह तक सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में नौकरी की थी। कर्मचारियों ने सिपाहियों द्वारा दिखाए गए फोटो को पहचान लिया। परिवारवालों के सहयोग से पुलिस ने किशोर को जेवरात और नगदी के साथ पकड़ लिया।
किशोर ने पुलिस को बताया कि वह पिछले साल कक्षा 11 में फेल होने के बाद निराश हो गया था। अखबार में उसने एक विज्ञापन देखा तो पता चला कि अलीगढ़ की एक कंपनी ने फिल्मी हीरो बनाने के लिए इंस्टीट्यूट खोला है। वह इंस्टीट्यूट से संपर्क कर मुंबई जाना चाहता था। इसी कारण उसने चोरी की थी।