पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रात को चोरों ने कानूनगोयान स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर को निशाना बनाया। चोरों ने छत पर बने कमरे की खिड़की रेलिंग तोड़कर अंदर घुसकर कमरों में लगे तालों को तोड़ा और सीढ़ियों से नीचे उतरकर मुख्य मंदिर में पहुंच गए।
चोरों ने भगवान के चांदी के चंवर, भामंडल, सिंहासन, तीन छत्र आदि सामानों को चुरा लिए। इसके अलावा दानपत्र से भी रुपये निकाल ले गए। चोरों ने मंदिर में रखी अलमारी का ताला भी तोड़ा। सामान निकालकर फर्श पर बिखेर दिया। बृहस्पतिवार सुबह जब पुजारी ने मंदिर के मेन गेट का ताला खोला तो अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। भगवान के छत्र और चंवर आदि भी गायब थे।
चांदी के सामानों की कीमत लगभग पांच से दस लाख रुपये के आसपास थी। घटना की जानकारी मिलते ही जैन समाज के लोग मंदिर पहुंच गए। मंदिर परिसर पर ही दरी बिछाकर लोगों की पुलिस पर चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाने का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी मिलते ही सीओ स्वप्न किशोर व कोतवाल साधना त्यागी मौके पर पहुंची। घटना की जानकारी और फिंगरप्रिंट आदि भी लिए गए। पुलिस के जल्द घटना का खुलासा करने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने मंदिर पहुंचकर समिति के लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द की घटना का खुलासा कराया जाएगा। घटना पर मंदिर समिति के अध्यक्ष साधुराम जैन, मंत्री प्रदीप जैन, प्रवक्ता दिगंबर जैन, जैन धर्म सभा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जैन, शलभ जैन, हिमांशु जैन, योगेश जैन आदि ने रोष प्रकट किया।
सीसी कैमरे की डीबीआर भी साथ ले गए चोर
चोर इतने शातिर थे कि घटना को अंजाम देने के बाद डीबीआर को उखाड़कर ले गए। इसके चलते पुलिस के लिए घटना का खुलासा और भी मुश्किल हो गया है। हालांकि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गई है। सीओ स्वप्न किशोर ने बताया कि ऐसे संदिग्ध लोगों की भी जांच की जा रही है जो पहले चोरी की घटना में जेल जा चुके हैं और अब सजा काटने के बाद से बाहर हैं।