चौबीस घंटे में चोरों की ‘बारात’ ने देहरादून के चार घरों में ‘बैंड’ बजाकर पुलिस की नींद हराम कर दी है।
यह तमाम घटनाएं रात के अंधेरे के बजाए दिन के उजियारे में र्हुइं। यह तो कहना मुश्किल है कि शहर के चार इलाकों में हुई इन वारदातों में एक ही गैंग शामिल रहा, लेकिन कुछ दिनों की शांति के बाद चोरों ने जोरदार ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। चोरों की चुनौती को स्वीकार करने के बजाए पुलिस इन्हें रफा-दफा करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही हैं।
मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त व्यक्ति के घर चोरी
कोतवाली क्षेत्र में मर्चेंट नेवी से रिटायर व्यक्ति के घर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। त्यागी रोड पर राजीव गुरुंग अपने परिवार के साथ रहते हैं। बृहस्पतिवार को वह परिवार के साथ दिल्ली गए थे। शुक्रवार दोपहर बाद कोरियर लेकर आए एक युवक ने फोन पर घर का ताला टूटा होने की जानकारी दी।
शाम के समय घर पहुंचे गुरुंग ने लक्खीबाग चौकी को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। यहां से कई लाख का सामान चोरी होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि चोरी गए सामान की कोई सूची नहीं दी गई है। गृह स्वामी ने भी किसी तरह की कार्रवाई से इनकार किया है।
शास्त्रीनगर में हुई चोरी, पुलिस को नहीं जानकारी
नेहरू कालोनी की डिफेंस कॉलोनी में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर चरणजीत आहूजा के यहां हुई चोरी के बाद चोरों ने इसी इलाके से सटे शास्त्रीनगर एक्सटेंशन में एक मकान को खंगाला है। यहां कई लाख रुपये की चोरी होना बताया जा रहा है। जबकि पुलिस इस बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार कर रही है।
कैलाशपुर में विधवा का मकान खंगाला
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के कैलाशपुर में भी शुक्रवार को चोरों ने एक विधवा का मकान खंगाल लिया। गृह स्वामिनी काजल वर्मा मकान पर ताला लगाकर किसी काम से बाहर गई थीं।
वापस आई तो ताला टूटने के बाद कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। मकान से 50 हजार रुपये की नकदी के अलावा सोने का टीका, अंगूठी आदि गहने गायब थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि चोरी के मामले में कुछ सुराग मिल गए हैं, जिस पर कार्रवाई चल रही है।
स्विफ्ट कार में आए थे चोर
नेहरू कालोनी के डिफेंस कॉलोनी में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर चरणजीत आहूजा के घर में शुक्रवार को चोरी करने वाले चोर स्विफ्ट कार में आए थे। ब्रांडेड कपड़े पहने तीन युवक आहूजा के घर से चोरी के बाद सामान को कार में रख रहे थे।
इसी बीच पड़ोसी ने उनसे मकान के सामने खड़ा होने का कारण पूछा था। इन चोरों ने बेहद सादगी से बाबू जी से मिलने आने की बात कही थी। पहनावे और बातचीत के बाद पड़ोसी को भी उन पर कोई शक नहीं हुआ। यह तथ्य पुलिस की जांच में शनिवार को सामने आया।
पुलिस की घुट्टी के बाद चुप्पी
अपराध छिपाने और अल्पीकरण में माहिर मित्र पुलिस की घुट्टी कारगर हो रही है। चोरी की सूचना पर मौके पर पहुंचकर पुलिस पीड़ित परिवार को ऐसी पट्टी पढ़ाती है कि वादी मीडिया से बात करना भी जरूरी नहीं समझता है। नेहरू कालोनी और लक्खीबाग में हुई चोरी में परिजनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।