गांव कनौरा स्थित दुर्गा चामुंडा मंदिर में वाल्मीकि समाज की कन्याओं को पूजा करने से रोकने को लेकर हुए विवाद में सैनी समाज और अन्य समाज की महिलाओं ने गलती स्वीकार की है।
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सीओ जेएस पांगती ने बताया कि सैनी समाज और अन्य समाज की महिलाओं ने लिखित माफी मांग ली है। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वचन दिया है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने वाल्मीकि समाज की कन्याओं को पूजा करने से रोकने में शामिल शिव कुमार सैनी और दिलीप सिंह के खिलाफ एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सीओ के अनुसार गांव में शांतिभंग करने के मामले में पांच लोगों पर 107/116 की कार्रवाई भी की गई है। उधर गांव में अभी मनमुटाव बना हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में पुलिस बल भी तैनात है।
उल्लेखनीय है कि गांव कनौरा स्थित दुर्गा चामुंडा मंदिर में सोमवार को वाल्मीकि समाज की कन्याओं को सैनी और अन्य समाज की महिलाओं ने मंदिर में पूजा करने से रोक दिया था जिस पर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई।
गांव में पीएसी तैनात
गांव में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पीएसी तैनात कर दी। बताया जाता है कि मंगलवार सुबह सैनी समाज के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में मंदिर परिसर में पानी से साफ-सफाई की जिससे वाल्मीकि समाज में आक्रोश पनप गया।
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देखते ही देखते समाज के लोगों की भीड़ जमा गई। इसी बची वाल्मीकि समाज की महिलाओं ने मंदिर में जाकर पूजा की।
उधर एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देश पर महिला हैल्प लाइन की इंचार्ज मैरी पीटर, कांस्टेबल तारा नेगी, प्रियदर्शनी इंदिरा, कमला दुगताल, कलावती, लीला रावत टीम के साथ मंदिर परिसर में पहुंची।
महिलाओं ने मांगी गलती
टीम ने वाल्मीकि समाज की कन्याओं को पूजा करने से रोकने पर कड़ी नसीहत दी। जिस पर सैनी समाज और अन्य समाज की महिलाओं ने गलती मानी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने का भरोसा दिलाया।
महिला हेल्प लाइन इंचार्ज पीटर ने महिलाओं की तरफ से एक लिखित प्रस्ताव बनाकर उनके हस्ताक्षर कराए। पीटर के अनुसार प्रस्ताव पर करीब 40-50 महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।