जिला एवं सत्र न्यायाधीश नई टिहरी मीना तिवारी की अदालत ने अपहरण और दुराचार के दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास और 19 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को प्रतिकर भुगतान करने के भी आदेश दिए हैं।
मुनिकीरेती थाना की पुलिस चौकी कैलाश गेट में 15 अगस्त 2005 को पीड़िता के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनकी पुत्री 10 अगस्त 2005 को शाम को ट्यूशन पढ़ने रेलवे रोड गई थी, तभी खालिद नामक युवक उसे बहला-फुसला कर भगाकर ले गया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपहरण, दुराचार समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी और पीड़िता को देहरादून के आईएसबीटी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी खालिद के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बीरेंद्र सिंह रावत ने न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को आरोपी को अपहरण और बलात्कार का दोषी मानते हुए दस साल का सश्रम कारावास एवं 19 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाते हुए पीड़िता को प्रतिकर का भुगतान भी करने के आदेश दिए।