रुड़की के लंढौरा और मंगलौर कस्बे से आतंकी साजिश के आरोप में पकड़े गए चारों युवक सोशल साइट्स से आईएसआईएस के संपर्क में आए थे। इन नौजवानों को आतंकी कार्रवाई के लिए इराक और छत्तीसगढ़ में ट्रेनिंग देने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे नकार दिया था। इसके बाद उन्हें रिमोट से विस्फोट करने की खास जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। इसके लिए बाकायदा फर्जी आईडी पर सिम भी खरीद लिया था।
छात्र अखलाकुर्रहमान सोशल साइट से सबसे पहले आईएसआईएस नेटवर्क के संपर्क में आया था। जेहादी तौर पर ब्रेन वॉश करने के बाद अखलाकुरहमान ने तीन साथियों को तैयार किया। इसके बाद टेलीफोनिक बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।
आतंकी गतिविधियों के ट्रेनिंग के लिए पहले उन्हें इराक आकर ट्रेनिंग लेने का ऑफर दिया गया, लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया था। उन्हें छत्तीसगढ़ जाने के लिए भी कहा गया, लेकिन तैयार नहीं हुए।