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रिमोट बम से थी हरिद्वार को दहलाने की तैयारी, मिली थी खास ट्रेनिंग

Thu, 21 Jan 2016 08:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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रुड़की के लंढौरा और मंगलौर कस्बे से आतंकी साजिश के आरोप में पकड़े गए चारों युवक सोशल साइट्स से आईएसआईएस के संपर्क में आए थे। इन नौजवानों को आतंकी कार्रवाई के लिए इराक और छत्तीसगढ़ में ट्रेनिंग देने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे नकार दिया था। इसके बाद उन्हें रिमोट से विस्फोट करने की खास जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। इसके लिए बाकायदा फर्जी आईडी पर सिम भी खरीद लिया था।
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छात्र अखलाकुर्रहमान सोशल साइट से सबसे पहले आईएसआईएस नेटवर्क के संपर्क में आया था। जेहादी तौर पर ब्रेन वॉश करने के बाद अखलाकुरहमान ने तीन साथियों को तैयार किया। इसके बाद टेलीफोनिक बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।

आतंकी गतिविधियों के ट्रेनिंग के लिए पहले उन्हें इराक आकर ट्रेनिंग लेने का ऑफर दिया गया, लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया था। उन्हें छत्तीसगढ़ जाने के लिए भी कहा गया, लेकिन तैयार नहीं हुए।
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जुटा लिया था विस्फोटक का कुछ सामान

अर्द्धकुंभ विस्फोट को रिमोट से अंजाम देने की साजिश थी। उन्होंने फर्जी आईडी पर एक सिम के साथ विस्फोटक का कुछ सामान जुटा भी लिया था।

छह दिसंबर के विस्फोट से जोड़ रही तार
रुड़की में छह दिसंबर को हिंदू संगठनों के विजय दिवस समारोह के बाहर विस्फोट की घटना को आईएसआईएस के स्लीपर सेल से जोड़कर देखा जा रहा है। इस विस्फोट में एक बच्चे की जान चली गई थी। एक साल पूरा होने के बाद विस्फोट की गुत्थी सुलझ नहीं सकी है। रुड़की के मंगलौर क्षेत्र में चार संदिग्ध के पकड़े जाने के बाद रिमोट बम की कहानी सामने आई तो खुफिया और पुलिस तंत्र चौकन्ना हो गया। आशंका है कि उस विस्फोट में भी तो ऐसे ही किसी स्लीपर सेल का हाथ तो नहीं रहा है।
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