देहरादून जिले के विकासनगर में कांग्रेस नेता और चकराता छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पंकज जैन के घर 13 अप्रैल को हुई लूट का मास्टर माइंड सेना का सूबेदार मेजर निकला।
लूट का प्लान चकराता स्थित 22वें सैनिक संस्थान का सूबेदार मेजर आनंद सिंह ने बनाया था। इसको अंजाम देने के लिए उसने हरियाणा के तीन युवकों को बुलाया। सोमवार को हुई दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने यह खुलासा किया।
कोतवाली विकासनगर में एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि सोमवार को मुखबिर ने सहारनपुर के सरसावा (यूपी) में चोरी की ज्वेलरी बेचने की सूचना दी।
सूचना पर थानाध्यक्ष चकराता प्रवीण कोश्यारी और एसओजी की टीम ने सोमवार शाम करीब 3:50 बजे सरसावा कस्बे के समीप एआरसी गेट के पास से दो लोगों को सोने की चेन और कानों के टॉप्स के साथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान जयदीप पुत्र जोरा सिंह निवासी बिलासपुर जिला पानीपत (हरियाणा) और महिपाल पुत्र जुगलाल निवासी निच्ची भांडोर महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के रूप में हुई।
आर्मी परिसर में ही ठहरे थे तीनों आरोपी
गिरफ्तार महिपाल सरसावा स्थित 9वीं पैरा रेजीमेंट में जवान है। पूछताछ में दोनों ने पंकज जैन के घर हुई लूट में शामिल होने की बात कबूली। इस कांड में महिपाल का चचेरा भाई अजित निवासी महेंद्रगढ़ (हरियाणा) भी शामिल था। सूबेदार मेजर आनंद और महिपाल एक ही बटालियन में है।
आनंद के कहने पर ही महिपाल और उसके साथियों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की माने तो जैन के घर से मोटी रकम मिलने की उम्मीद थी। मास्टर माइंड सूबेदार मेजर आनंद सिंह और अजित की तलाश पुलिस कर रही है।
पुलिस के अनुसार पैरा टूपर (कमांडो) महिपाल सरसावा में ही एआरसी गेट के पास किराए पर रहता है। आरोपी महिपाल ने बताया कि 22वें सैनिक संस्थान चकराता में तैनात सूबेदार मेजर आनंद सिंह ने लूट को अंजाम देने के लिए चकराता बुलाया।
12 अप्रैल की शाम को महिपाल, जयदीप और अजित चकराता पहुंचे और सूबेदार मेजर आनंद के आर्मी परिसर स्थित आवास में ही ठहरे। 13 अप्रैल को तीनों सूबेदार मेजर द्वारा उपलब्ध कराई गई पल्सर बाइक से जैन के घर पहुंचे थे। लूट कांड को अंजाम देने के बाद तीनों आनंद के आवास पर लौट आए और रातभर वहीं रुके।
आर्मी के वाहन से हुए फरार
आरोपी महिपाल ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद सूबेदार मेजर ने तीनों को आर्मी के वाहन से चकराता से बाहर पहुंचाया।
14 अप्रैल की सुबह पांच बजे सूबेदार मेजर आनंद सिंह ने अपनी आर्मी की गाड़ी में बैठाकर तीनों को वाया नागथात जुड्डो होते हुए आईएसबीटी देहरादून पहुंचाया। जहां से बस में तीनों सरसावा फरार हो गए।
घर में गए थे महिपाल और जयदीप
आरोपी महिपाल ने बताया कि जैन के घर कुछ पहले हम लोगों ने बाइक खड़ी कर दी थी। अजित घर के बहार रेकी कर रहा था जबकि मैं और जयदीप घर के अंदर गए।
लूट का विरोध करने पर पंकज जैन और उसकी पत्नी संगीता पर दोनों ने हमला कर दिया था। बदमाशों के डर से पंकज की बेटी छत से कूद गई। हंगामा होते देख तीनों बाइक से फरार हो गए।