वन विभाग टीम ने घेराबंदी कर हाथी के दो दांतों के साथ एक तस्कर को पकड़ा है। आरोपी के खिलाफ डिप्टी रेंजर पीसी जोशी की तरफ से भारतीय वन जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
साढ़े चार किलो और 75 सेंटीमीटर लंबाई के दो हाथी दांतों की अंतरराष्ट्रीय कीमत 6 लाख 75 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी तस्कर ने अपने दो साथियों के नाम भी बताये हैं, टीम ने उनके घरों पर दबिश दी, लेकिन वे फरार हो गए।
बन्नाखेड़ा वन क्षेत्राधिकारी नवीन परमार ने बताया डेढ़ माह पहले गांव इटव्वा निवासी चरन सिंह के पास हाथी दांत होने की सूचना मिली थी। रणनीति के तहत एक व्यक्ति को सौदा करने के लिए उसके पास भेजा गया था। डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय होने पर 10 हजार रुपये एडवांस दिए गए।
वन विभाग की टीम ने बिछाया था जाल
बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे इटव्वा चौराहे पर शेष पैसा देकर हाथी दांत लेने के लिए चरन सिंह को बुलाया गया। जैसे ही आपस में दोनों का लेनदेन हुआ। वन टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया। रेंजर परमार के अनुसार मृत हाथी की उम्र 22-25 साल रही होगी।
टीम में रेंजर नवीन परमार, डिप्टी रेंजर पीसी जोशी, भुवन कांडपाल, इंद्रलाल, प्रताप सिंह अधिकारी, पुष्पेंद्र चौहान, अशरफी लाल, युवराज, अनिल तड़याल आदि थे। खबर मिलते ही रामनगर वन परिक्षेत्र के डीएफओ सीके कवदियाल ने बन्नाखेड़ा पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की।
बैलपड़ाव में तीन साल पहले मिला था मृत हाथी
पकड़े गये हाथी दांत तस्कर चरन सिंह ने बताया कि करीब तीन साल पहले गांव इटव्वा निवासी जसवंत सिंह को जंगलात के प्लांट नंबर 39 में मृत हाथी पड़ा मिला था। उसने बताया कि गांव इटव्वा निवासी जसवंत सिंह और गांव टांडा अमीचंद निवासी पोपी सहित तीन लोगों ने प्लांट में जाकर हाथी के दांत निकाले और मोटरसाइकिल पर कट्टे में दांत रखकर घर ले आए।
उसने कच्चे घर में गड्डा खोद कर दांतों को दबा दिया था। पैसे की जरूरत होने पर उसने दांत बेचने की कोशिश की। इसी बीच एक व्यक्ति उसे खरीदने के लिए मिला। लेकिन उसे पता नहीं था कि वो व्यक्ति वन विभाग टीम द्वारा भेजा गया है।
रेंजर परमार ने बताया कि प्लाट की पुष्टि करने के लिए आरोपी चरन सिंह को साथ लेकर जंगल में गये लेकिन आरोपी जगह नहीं पहचान पाया। जिससे आरोपी की कहानी में कुछ गड़बड़ लग रहा है।
जंगल से लकड़ी काटकर बेचता था आरोपी
रेंजर नवीन चंद परमार के अनुसार हाथी दांत के साथ गिरफ्तार चरन सिंह जंगल से लकड़ी काटकर बाजार में बेचकर परिवार का गुजर बसर करता है। बन्नाखेड़ा रेंज के अंतर्गत कई बार जंगली सुअर, नील, हिरन के साथ तस्करों को पकड़ा जा चुका है। हाथी दांत की पहली घटना है। करीब बीस साल पहले पुलिस ने हाथी दांत के साथ तस्कर पकड़े थे।
7 साल सजा, 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान
बन्नाखेड़ा रेंजर परमार ने बताया कि हाथी दांत के साथ गिरफ्तार आरोपी चरन सिंह को काशीपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वन अधिनियम के अंतर्गत सात साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माना और सजा दोनों भी हो सकती है।