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सेक्स रैकेट का शर्मनाक सच, मां ने बेटी को 'धंधे' में धकेला

Wed, 02 Mar 2016 07:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार के कनखल में पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस सेक्स रैकेट के खुलासे से पुलिस भी हैरत में पड़ गई। सेक्स रैकेट चलाने वाली संचालिका ने अपनी ही बेटी को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेला।
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पुलिस की नजर से भागने में वह खुद तो कामयाब रही लेकिन बेटी पकड़ में आ गई। इतना ही नहीं संचालिका की बेटी के अलावा एक काल गर्ल और तीन युवकों के साथ ही गिरफ्त में आया सुमित भी उसी का ही दामाद है और खनन के धंधे से जुड़ा है।

कनखल के बसंत विहार फेज दो (जमालपुर कलां) में लंबे समय से सेक्स रैकेट के चलने का लोगों को शक था और आखिरकार मंगलवार को इसका खुलासा हुआ। कालोनीवासियों ने आपत्तिजनक स्थिति में चार युवकों एवं दो कालगर्ल को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
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मौके पर मिली शक्तिवर्द्धक दवाइयां और आपत्तिजनक सामग्री

एक कालोनीवासी की ही शिकायत पर देह व्यापार एक्ट के तहत सभी की गिरफ्तारी कर ली गई। सोमवार की देर रात बसंत विहार फेज दो के कालोनीवासी बड़ी संख्या में एकत्र हुए और धड़धड़ाते हुए एक घर में घुस गए।

आरोप है कि घर में चार युवक एवं दो युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में थे। मौके पर शक्तिवर्द्धक दवाइयां और कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। कालोनीवासियों की सूचना पर कनखल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस युवकों एवं युवतियों को थाने ले आई। कालोनीवासी परमिल पुत्र काशीराम ने सभी के खिलाफ देह व्यापार एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
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अच्छे घरों के युवाओं के शर्मसार करने वाले कारनामे

थानाध्यक्ष रितेश शाह ने बताया कि युवकों के नाम सुमित निवासी गांव भोगपुर लक्सर, अभिषेक तोमर निवासी गंगोत्री स्ट्रीट, विष्णुगार्डन कनखल, अंकुर निवासी 199/2 आर्यनगर कालोनी, ज्वालापुर एवं शिवम बंसल निवासी मोहल्ला कोटरावान, सिटी गारमेंटस के पास ज्वालापुर है।

जबकि युवतियों में से एक कनखल और दूसरी अल्मोड़ा की रहने वाली है। थानाध्यक्ष ने बताया कि सेक्स रैकेट संचालिका फरार होने में कामयाब हो गई। उसकी तलाश की जा रही है।


अवैध देह व्यापार के मामले में हत्थे चढ़े तीन युवक संपन्न घराने से ताल्लुक रखते हैं। बीबीए कर चुके अभिषेक के पेशे से डॉक्टर पिता खन्नानगर में कार्यरत हैं।

12वीं तक पढ़े लिखे शिवम के पिता की ज्वालापुर में जूस की दुकान है। बीबीए पास अंकुर के पिता ऋषिकेश में एक बैंक में अधिकारी हैं। इन सभी के परिजन थाने में ही डटे हुए थे और अपने अपने लाडलों को निर्दोष बता रहे थे।

दोस्तों को पैरवी करनी पड़ी महंगी
अपने दोस्तों को भीड़ से छुड़ाने आना चार युवकों को भी महंगा पड़ा। भीड़ ने उन्हें भी पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। वे भी रात भर हवालात में ही रहे।

फिर पुलिस ने मंगलवार सुबह उनके परिजनों को बुलाया और डांट डपट के बाद उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।
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