नाबालिग का अपहरण कर दुराचार करने के दोषी को न्यायालय ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया। जिसमें 75 प्रतिशत की धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए।
किडनैप कर किया था दुराचार
जिला शासकीय अधिवक्ता इंदरपाल सिंह बेदी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 18 जुलाई 2013 में हरिद्वार के बहादराबाद थाने में अपनी नाबालिग पुत्री का अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें इश्त्याक पुत्र वहीद निवासी थाना क्षेत्र मंगलौर पर अपनी पुत्री को बहला फुसलाकर अपहरण का आरोप लगाया था।
पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके खिलाफ नाबालिग का अपहरण कर दुराचार करने व पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे।
अर्थदंड भी लगाया
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के साक्ष्य व गवाहों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने इश्त्याक को दोषी पाते हुए सात साल की सश्रम कारावास और 60 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई।