देहरादून स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने टैक्सी बिल भुगतान के लिए रिश्वत लेने के दोषी इनकम टैक्स अफसर को सात साल की कैद और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी अधिकारी को दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामला सितंबर वर्ष 2014 का है।
दून निवासी राहुल गुप्ता ने बीएस टैक्सी सर्विस एजेंसी खोली थी। मई और जून 2014 को इनकम टैक्स आफिस सुभाष रोड देहरादून ने उनसे इनोवा 36 हजार रुपये मासिक किराए पर ली।
गाड़ी का दो महीने का किराया बिल उसने भुगतान के लिए इनकम टैक्स आफिस में जमा कराया, लेकिन उसके बाद जुलाई 2014 के बिल पास नहीं हुए। शिकायतकर्ता राहुल के मुताबिक मामले में इनकम टैक्स के डीडीओ एसके श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने उसे इसके लिए घर पर मिलने को कहा। जहां उससे बिल भुगतान के लिए दस हजार रुपये की मांग की गई।