देहरादून के रायवाला क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ऑटो चालक को अदालत ने सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में ऑटो चालक की मां और पिता को बरी कर दिया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रायवाला में एक दिसंबर 2014 को ऑटो चालक सुनील ने कक्षा आठ की छात्रा को पिता का एक्सीडेंट होने की झूठी सूचना देकर अगवा कर लिया था। शाम को वह घर नहीं आई तो परिजनों से उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
इसी बीच 26 जनवरी 2015 को किशोरी ने फोन कर मेरठ के गंगानगर इलाके में बंधक होने और शारीरिक शोषण किए जाने की सूचना दी। दून पुलिस ने मेरठ में छापा मारकर छात्रा को बरामद करने के साथ आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में सुनील के पिता और मां को भी आरोपी बनाया गया था।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पोक्सो नीना अग्रवाल की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष के तर्कों को सही मानते हुए अदालत ने ऑटो चालक को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पडे़गी। जबकि साक्ष्य के अभाव में सुनील की मां सोमवती और पिता बिजेंद्र को बरी कर दिया गया।