गरीबी की दहलीज पर खड़े होकर सपना ने अमीरी का ख्वाब देखा था। इसे हकीकत में बदलने के लिए जरायम की दुनिया में पहुंची और देखते-देखते शराब तस्करी की माहिर हो गई।
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जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को उसे छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। तीन साल की क्राइम हिस्ट्री में उस पर चार बार गुंडा एक्ट लगा है। ऋषिकेश के जाटव बस्ती की रहने वाले रामकुमार की पत्नी सपना के खिलाफ पुलिस ने 2010 में गुंडा एक्ट लगाने की जिलाधिकारी से सिफारिश की थी।
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इसी साल सपना ने जरायम की दुनिया में पहला कदम रखा था। देखते-देखते उस पर दस मुकदमे लग गए। इनमें एक गुंडा एक्ट भी था। एक मामला धोखाधड़ी का था बाकी आठ शराब तस्करी के थे। ऋषिकेश कोतवाली के अलावा उसके खिलाफ डोईवाला, रायवाला आदि क्षेत्रों में भी मुकदमे दर्ज हैं।
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पुलिस का कहना है कि प्रांत के बाहर भी सपना का शराब तस्करी का नेटवर्क फैला हुआ है। पुलिस के मुताबिक सपना में 2011 में एक गुंडा एक्ट समेत बारह मुकदमे लगे। 2012 में तेरह मुकदमे में दो गुंडा एक्ट लगे। इस साल सपना के खिलाफ तीन मामले दर्ज हुए हैं। ये शराब तस्करी के हैं।
सपना पर अधिकांश मामले शराब तस्करी के ही लगे हैं। सपना के अलावा जाटव बस्ती के ही मनोज उर्फ अतुल, संतोष, अभिमन्यु और मनोज के खिलाफ शराब तस्करी के मामले हैं। जिलाधिकारी पुरुषोत्तम ने उन्हें तीन माह के लिए जिला बदर किया है।
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