उत्तराखंड के श्रीनगर क्षेत्र में अपनी मां की निर्ममता से हत्या के आरोप में पकड़े गए साकेत नैथानी के लिए अब जेल से बाहर निकलना आसान नहीं होगा। परिवार के लोगों के साथ नहीं देने से जमानती मिलना मुश्किल होगा।
युवती की हत्या के बंद होने के बाद मां ने ही उसकी मानसिक अस्वस्थता का हवाला देकर कोर्ट से बरी करवाया था। लेकिन इसबार उसकी राह आसान नहीं होगी।
साकेत ने शनिवार की रात अपनी मां शकुंतला देवी (70) की उस समय डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी जब वह उसे खाना खिलाने गई थीं।
पहले मां ने ही कराई थी जमानत
साकेत पहले भी हत्या के आरोप में जेल की सजा काट चुका है। लेकिन तब उसकी मां ने ही मानसिक अस्वस्थ होने का प्रमाणपत्र देकर उसे बरी करवा था। लेकिन अब शायद ही परिवार का कोई व्यक्ति उसका साथ दे। कोई ऐसा रिस्क लेना भी नहीं चाहेगा।
सोमवार को जब पुलिस ने साकेत को कोर्ट में पेश किया तो उसके साथ कोई नहीं था। ऐसे में भविष्य में भी कोई जमानती मिलना मुश्किल है।
पूर्व में भी हत्या के आरोप में जेल में रह चुकने के कारण साकेत का आपराधिक रिकार्ड भी उसे जेल से बाहर आने नहीं देगा। विवेचना अधिकारी एसआई अनिरुद्ध कोटियाल ने कहा कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सारे सबूत जुटा लिए हैं।
बोला, मैं पागल नहीं हूं
मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार साकेत को जब पुलिस ने हथकड़ी पहनाई तो उसने ऐतराज जताया। उसका कहना था कि उसने ऐसा कौन सा जुर्म किया जो कथकड़ी पहनाई जा रही है। उसने पुलिस से बड़े रौब में कहा कि मैं पागल नहीं हूं। मैं जानता हूं कि दो दूनी चार होते हैं।