शिमला बाईपास की पॉश कॉलोनी में बदमाशों ने मंगलवार रात यूपी रेशम विभाग से सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर की कोठी में चौकीदार को बंधक बनाकर लाखों की नकदी और जेवरात लूट लिए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने शक के आधार पर चौकीदार को हिरासत में ले लिया है।
जीएमएस रोड स्थित शिमला एन्क्लेव में निवासी सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आरएसपी सिंह पत्नी उर्मिला के साथ 29 अगस्त को लखनऊ रवाना गए थे। वे कोठी की रखवाली के लिए चौकीदार सुख सैन निवासी बहराइच को छोड़ गए थे।
बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब चौकीदार सुख सैन ने पड़ोसी रमेश चंद पुंडीर को बताया कि मंगलवार देर रात दो बजे 10-12 कच्छा बनियान धारी बदमाश मेन गेट की दीवार फांदकर कोठी में दाखिल हुए।
चौकीदार को बंधक बनाकर अंजाम दी घटना
दाखिल होने के बाद बदमाशों ने चौकीदार को मारपीट कर उसे बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने कोठी के दूसरे गेट का कुंडा उखाड़कर अंदर प्रवेश कर लिया। पांचों कमरों की अलमारी तोड़ने के साथ पूरे सामान को खंगाला गया।
जाते समय बदमाश उसे बंधक बना गए। मेन गेट खोलकर बदमाश छोटे हाथी से फरार हो गए। डकैती की खबर पाकर देर शाम रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर दून लौट आए।
सूचना पर चीता मोबाइल भी मौके पर आई, लेकिन मालिक के आने तक कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी सिटी अजय सिंह ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का मौका मुआयना करने के साथ पीड़ित परिवार से बातचीत की।
चौकीदार पर पुलिस का शक, हिरासत में लिया
चौकीदार के बदलते बयानों के मद्देनजर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ .सिंह ने बताया कि बदमाश घर से नकदी के अलावा पत्नी और दो बेटियों के जेवरात ले गए हैं। उनकी एक बेटी कनाडा में है, जबकि दो बेटियां और बेटा मुंबई में रहते हैं।
पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह का कहना है कि चौकीदार के बयानों में ही काफी विरोधाभास है। वह जो कहानी बता रहा है, उससे संदेह प्रतीत हो रहा है। फिलहाल तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ कर दी जाएगी।