हरिद्वार स्थित भेल के सीनियर डीजीएम के घर में घुस हथियारबंद बदमाशों ने उनकी पत्नी और बेटे को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवरात लूट लिए। बदमाशों का विरोध करने पर मां-बेटे पिटाई कर दी।
करीब आधे घंटे तक घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए। डकैती की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। एसओजी और रानीपुर पुलिस घटना के खुलासे में जुट गई है।
भेल के सेक्टर पांच में विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के ठीक सामने सीनियर डीजीएम भोजराम का सरकारी आवास है। वे रोजाना की तरह मंगलवार को भी ड्यूटी पर गए थे। दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच तीन लोग उनके घर के मुख्यद्वार पर पहुंचे। ड्राइंग रूम में मौजूद डीजीएम के बेटे कृषाभ राजन ने उनसे घर आने का कारण पूछा तो उन्होंने पापा (भोजराज) से मिलने की बात कही।
पीने को मंगाया पानी और घुस गए घर के अंदर
लूट
- फोटो : अमरउजाला
बेटे ने शाम को पांच बजे पिता के ड्यूटी से लौटने के बाद आने को कहा। तभी एक बदमाश ने पीने का पानी मांगा। कृषाभ अंदर से पानी लाया तो उसे हथियार के बल पर आतंकित कर बदमाश अंदर दाखिल हो गए। पीछे-पीछे तीन और बदमाश भी घुस गए।
दूसरे कमरे में मौजूद डीजीएम की पत्नी अंबेश राजन को भी हथियार के बल पर काबू पा लिया। मां-बेटे ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी पिटाई कर दी। उनसे अलमारी की चाभी लेकर बदमाशों ने जेवरात, नगदी और कागजात एक बैग में भर लिए। मां बेटे के मुंह पर टेप लगा दी और हाथ पैर बांध दिए।
दोनों को एक कमरे में बंदकर फरार हो गए। बेटे कृषाभ ने किसी तरह से अपने आपक को बंधनमुक्त किया और पड़ोसी को इसकी जानकारी दी।
पड़ोसी के मोबाइल से पिता को बताई लूट की खबर
सीसीटीवी फुटेज देखती पुलिस
- फोटो : अमरउजाला
पड़ोसी के मोबाइल फोन से अपने पिता को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। ड्यूटी से घर पहुंचे सीनियर डीजीएम भोजराम सीधे रानीपुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
सीओ सदर जेपी जुयाल, कार्यवाहक निरीक्षक कुंदन सिंह राणा मौके पर पहुंचे। एसओजी प्रभारी नरेंद्र बिष्ट भी सहकर्मियों के साथ पहुंच गए।
मां एवं बेटे ने बताया कि पांच बदमाश अधेड़ उम्र के थे और एक की उम्र 35 वर्ष के आसपास रही होगी। नगर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि घटना की गहनता से जांच कर रहे हैं।