सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र सिंह थपलियाल के घर डकैती के मास्टरमाइंड और अंकित के हत्यारे अकरम का पता देहरादून पुलिस हासिल कर चुकी है। लेकिन इस शातिर अपराधी ने ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है कि पुलिस के लिए इसे तोड़ना मुश्किल हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक अकरम यूपी के शामली जिले के गढ़ी पुख्ता स्थित अपने गांव खुंटा में जा दुबका है। अब वह ध्रुवीकरण के सहारे शिकंजे से बचा हुआ है। उत्तराखंड की भगवानपुर पुलिस कुछ दिन पूर्व गांव में जाकर दबिश की कोशिश कर चुकी है।
लेकिन जवानों को ग्रामीणों के कड़े विरोध, मारपीट और पत्थरबाजी का सामना करना पड़ा। ऐसे में दून पुलिस अब अकरम के बाहर निकलने का इंतजार करने के लिए मजबूर हो गई है।
स्थानीय पुलिस नहीं कर रही मदद
सूत्र बताते हैं कि दून पुलिस अकरम को दबोचने में मदद के लिए शामली पुलिस से कई बार संपर्क कर चुकी है। लेकिन कुछ ही समय पूर्व कवाल कांड झेल चुकी यूपी पुलिस खुंटा गांव में दबिश देने के लिए कतई तैयार नहीं है।
यूपी पुलिस का कहना है कि अगर कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग दे दिया तो माहौल बिगड़ते देर नहीं लगेगी। इसके बाद हालात बिगड़ जाएं तो जिम्मेदारी कौन लेगा? ऐसे में दून पुलिस को सीधे गांव में घुसकर कार्रवाई की मंशा से कदम खींचने पड़े हैं।
हार्डकोर क्रिमिनल है अकरम
पुलिस सूत्रों के अनुसार अकरम हार्डकोर क्रिमिनल है। यूं तो दबंगई की वजह से अकरम के खिलाफ शामली में कोई मामला दर्ज नहीं है, लेकिन कुछ समय पूर्व मुजफ्फरनगर में किन्नरों के आवास पर हुई लाखों की डकैती में उसकी संलिप्तता की जानकारी मिली है।
आपराधिक रिकार्ड न होने से अकरम पर स्थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाती। उधर, नकरौंदा डकैती में अब तक पकड़े गए बदमाशों नदीम, साजिद से पूछताछ में पता चला है कि अंकित को गोली मारने वाला अकरम ही था।
अखलाक-पहलवान की तलाश में दबिश
नकरौंदा डकैती में फरार अखलाक और साजिद पहलवान की गिरफ्तारी के लिए दून पुलिस की टीमें बृहस्पतिवार को भी वेस्ट यूपी में दबिश देती रही।
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों को संभावित ठिकानों पर तलाशा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कामयाबी मिल जाएगी।