पौड़ी जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन ने नाबालिग के साथ दुराचार करने के आरोपी को दस साल की सजा सुनाई है। मामले में पीड़िता की मौसी को साजिश रचने के आरोप से बरी कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रेम बल्लभ पंत ने बताया कि सात जून 2014 को कोटद्वार तहसील क्षेत्र की नाबालिग बालिका के साथ दुराचार का मामला सामने आया था। मामले में उत्तर प्रदेश के शामली जनपद निवासी सुरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
मौसी के घर रहती थी पीड़िता
पीड़िता के माता-पिता की मौत हो चुकी थी और वह अपने रिश्ते की मौसी के घर में रह रही थी। जहां सुरेंद्र का आना जाना था। सात जून 2014 को नाबालिग को अकेला देख सुरेंद्र ने उसके साथ दुराचार किया।
इसके बाद आरोपी पीड़िता और उसकी रिश्ते की मौसी को शामली ले गया। आरोप था कि उसने वहां भी पीड़िता के साथ दुराचार किया।
मौसी पर था साजिश रचने का आरोप
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के रिश्ते की मौसी के खिलाफ भी षड्यंत्र रचने के मामले में केस दर्ज किया था। कोर्ट ने मौसी को निर्दोष पाते हुए उसे साजिश रचने के आरोपों से बरी कर दिया।