जांच कराने के साथ पीड़िता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दी थी। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने अभियोजन की तरफ से छह गवाह पेश किए।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) रमा पांडेय ने अभियोजन के तर्कों और साक्ष्याें को सही मानते हुए आरोपी को दोषी माना। आरोपी को चार साल के कारावास और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं।