उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पथरी (फेरूपुर) में छात्रा से रेप और हत्या के मामले में हरिद्वार पुलिस न सिर्फ नाकाम साबित हुई है, बल्कि पूर्व की घटनाओं की विवेचना और खुलासे में भी पिछड़ गई है।
आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर
फिलहाल पुलिस का फोकस छात्रा हत्याकांड पर ही है। रेप व छात्रा हत्याकांड ने सूबे की कांग्रेस सरकार तक को हिलाकर रख दिया है, लेकिन एक पखवाड़े बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं।
अब तो यह भी सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस के हाथ आरोपियों तक पहुंच पाएंगे या फिर छात्रा हत्याकांड भी अनसुलझी पहेली बनकर रह जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने छात्रा से रेप और हत्या के मामले में पूरी ताकत झोंक दी है। इसके बावजूद नतीजा ढाक के तीन पात ही है। एक उच्च पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कबूला कि अन्य घटनाओं पर वे ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, जबकि कुछ प्रमुख घटनाओं में अहम सुराग मिल गए थे। केवल खुलासा होना बाकी था। अब वे भी लंबित हैं।
कुछ अनसुलझी प्रमुख घटनाएं भेलकर्मी परमिन्द्र चौहान पर हुआ कातिलाना हमला, शूटर अब तक फरार प्रॉपटी डीलर रामपाल सिंह की सिडकुल में सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। लेबर कालोनी निवासी किशोरी की संदिग्ध मौत से अब तक नहीं उठा पर्दा। पथरी के गांव घोसिपुरा में रिजवान हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली ज्वालापुर में दो मासूमों के अपहरणकर्ता अब तक नहीं चढे़ पुलिस के हत्थे। कनखल के द्वारिका विहार में हुई डकैती व ज्ञानलोक कालोनी में हुई चोरियों की घटनाएंशिवालिक नगर के दो घरों में हुई डकैती की घटना