राजधानी देहरादून में आठ माह पहले दो सिपाहियों पर जानलेवा हमलाकर फरार हुए मोस्ट वांटेड राजू बाक्सर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
राजू की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। पांच हजार रुपये के इनामी बाक्सर से देर रात तक पुलिस पूछताछ कर रही थी।
इनाम दिए जाने की घोषणा
पटेलनगर थाना क्षेत्र की नया गांव चौकी पुलिस ने शुक्रवार शाम को राजू बाक्सर निवासी चुक्खूवाला को दबोच लिया। डीआईजी कार्यालय से उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस टीम को इनाम दिए जाने की घोषणा कर दी गई।
बाद में अचानक पुलिस की योजना बदल गई और शनिवार को मीडिया के सामने लाने का फैसला किया गया। रातभर पुलिस अफसर उससे पूछताछ में जुटे रहे। आठ माह से राजू कहां छिपा था और इतने दिन क्या किया? क्या राजनैतिक तौर पर किसी का संरक्षण था आदि सवालों का जवाब तलाशने में पुलिस जुटी रही।
पुलिस पर ऐसे किया था हमला
पुलिस पर हमले की वारदात नेशविला रोड पर 29 सितंबर 2013 की रात हुई थी। कोतवाली की चीता पुलिस के सिपाही अंगेश्वर और अनुज दो पक्षों में झगड़े की खबर पर मौके पर पहुंचे थे।
इसी दौरान हुई गरमागरमी में राजू बाक्सर ने चाकू से हमला कर दोनों सिपाहियों को लहूलुहान कर दिया था और फरार हो गया। गिरफ्तारी में नाकाम रहे जयमल सिंह नेगी को कोतवाली की कुर्सी गंवानी पड़ी थी।
पुलिस और एसटीएफ द्वारा बॉक्सर को पकड़ने के लिए झोंकी गई ताकत बेकार रही थी। पुलिस के साथ भाजपा विधायक गणेश जोशी ने हमलावर की गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
फौज का भगोड़ा है राजू
मूलरूप से टिहरी जिले का रहने वाला राजू अरसे से चुक्खूवाला में रह रहा था। पहले वह फौज में था, लेकिन वहां से भाग आया। उसके खिलाफ पहले भी लूट और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल राजू पुलिस पर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ आर्म्स एक्ट में वांछित था।