राजधानी दून में दो चीता जवानों पर हमला करने वाले राजू बॉक्सर की तलाश में नाकामी की गाज आखिर कोतवाल पर गिर ही गई।
एसएसपी केवल खुराना ने तय समयसीमा खत्म होते ही उन्हें लाइनहाजिर कर दिया। कोतवाल की जगह अभी किसी की तैनाती नहीं की गई है।
सुराग नहीं मिला
29 सितंबर को चीता जवान अंगेश्वर और अनुज पर राजू बाक्सर ने चाकुओं से हमला कर दिया था। पुलिस तब से उसे पकड़ नहीं सकी है। कोतवाल जयमल सिंह नेगी समेत 26 पुलिसकर्मी और एसओजी टीम उसकी तलाश में जुटे हैं। एसएसपी केवल खुराना ने कोतवाल नेगी को बॉक्सर को पकड़ने के लिए सोमवार तक का वक्त दिया था, लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। पुलिस टीम अब भी अरुणाचल, दिल्ली, कश्मीर, गाजियाबाद, सहारनपुर और यूपी के अन्य शहरों में दबिश दे रही हैं।
ढाई हजार का इनाम
एसएसपी ने राजू बॉक्सर पर ढाई हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। दूसरी ओर, कोतवाली पुलिस ने बॉक्सर की संपत्ति कुर्क करने के लिए अदालत में आवेदन कर दिया है।
नशे का सौदागर भी है राजू
राजू बॉक्सर स्मैक, सुल्फा और चरस का धंधा भी करता है। उसके कुछ साथी एक सिनेमा हॉल के बाहर छात्रों और मजदूरों को नशे का सामान सप्लाई करते थे। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने नशे के धंधे से जुड़े कुछ युवकों को हिरासत में लिया है।