दिल्ली के सैलानी युगल की हत्या से चकराता आहत, दुखी और शर्मसार है। लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर स्थानीय युवकों को ऐसी वारदात करने की सूझी कैसे?
अतिथि देव भव: की भावना से ओतप्रोत रहने वाले लोग अपनों की घिनौनी करतूत से भौचक्के हैं। स्थानीय लोगों को पर्यटकों के मुंह मोड़ लेने से अधिक चिंता युवकों की करतूत की है। वह गुस्से में है और मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को फांसी दी जाए। लोगों ने मारे गए सैलानी जोड़े को थाने के बाहर श्रद्धांजलि भी दी।
सैलानी जोड़े के हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर चकराता थाने लाने की खबर पर स्थानीय व्यापारी और लोग भड़क गए। व्यापारी बाजार बंद कर जुलूस के रूप में थाने पहुंचे। जुलूस में महिलाएं भी थीं।
मारे गए सैलानी जोड़े को दी श्रद्वांजलि
जुलूस में हत्यारोपियों को फांसी दो के नारे लगे। लोगों ने हत्यारोपियों को उनके हवाले करने की मांग की। पुलिस कर्मियों ने लोगों को बमुश्किल शांत कराया। हत्यारोपियों के स्थानीय होने के कारण भी लोगों की आंखों में खासा गुस्सा दिखा।
सभी आरोपी चकराता तहसील के टुंगरोली गांव के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी राजू ड्राइवर है, जबकि अन्य सभी गांव के ही रहने वाले हैं। लोगों ने मारे गए सैलानी जोड़े के लिए को थाने के बाहर श्रद्धांजलि दी।
लोगों का कहना है हत्यारोपियों ने जौनसार जैसे शांतिप्रिय इलाके की छवि को धूमिल किया है। जघन्य अपराध के लिए उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
प्रदर्शन करने वालों में बिट्टू चौहान, सतीश, दिनेश, केशव राम जोशी, टीकम सिंह, कमल, नितेश, मोनित, केशर, अमित, दिनेश, बबीता, सुरेश, अनिल, प्रताप सिंह, महिपाल सिंह आदि शामिल रहे।
हत्या से व्यवसाय होगा प्रभावित
चकराता में हुए डबल मर्डर से लोगों में गुस्से के साथ ही भविष्य की आशंका भी है। लोगों को लग रहा है कि इस हत्याकांड से क्षेत्र का नाम बदनाम हो गया है। इसके बाद यहां पर सैलानी कम आएंगे तो लोगों की रोजी रोटी प्रभावित होगी।
चकराता क्षेत्र में दिल्ली के साथ ही दूसरे महानगरों से बड़ी संख्या में सैलानी घूमने आते हैं। गर्मियों में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। यहां आने वाला अधिकतर टूरिस्ट यूथ होता है, जिसे नेचर से खासा लगाव होता है।
ज्यादातर स्थानीय व्यवसाय सैलानियों पर ही टिका है। लोगों का कहना है सैलानी जोड़े की हत्या के बाद नैसर्गिक सौंदर्य और शांत वादियों की पहचान रखने वाले क्षेत्र में सैलानी आने से हिचकेंगे। इससे पयर्टन व्यवसाय को खासा नुकसान पहुंच कसता है।
जौनसार हमेशा से ही शांतिप्रिय इलाका रहा है। घटना क्षेत्र को शर्मसार करने वाली है। इसका पर्यटन पर बुरा असर पडे़गा। ज्यादातर कारोबार पर्यटकों पर ही टिका है।
- तीर्थ कुकरेजा, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष चकराता