यौन उत्पीड़न के मामले में ज्वायलैंड वाटर पार्क के मालिक प्रदीप सांगवान पर कानूनी शिकंजा कस गया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) उसके खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) तैयार कर लिया है।
मुकदमा दर्ज कराया था
अधिकारियों के अनुमोदन के बाद इसे कोर्ट में दाखिल कर लिया जाएगा। करीब तीन माह पूर्व सहस्त्रधारा स्थित वाटर पार्क की एक महिला कर्मचारी ने सांगवान पर यौन उत्पीड़न और अश्लील क्लिपिंग बनाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
डीजीपी के निर्देश पर जांच एसआईटी प्रभारी ममता बोरा को सौंपी गई। इस बीच सांगवान ने महिला से समझौते की कोशिश की। महिला को एक मकान दिलाया गया।
पुलिस ने इस मकान के कागजात और कई लाख रुपये बरामद कर महिला को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कुर्की आदेश लेने के साथ ही सांगवान पर 2500 का इनाम भी घोषित कर दिया गया।
इस बीच सांगवान ने सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक हासिल कर ली। दो दिन पूर्व सांगवान की गिरफ्तारी से रोक हटते ही पुलिस ने सोनीपत में उसके घर की कुर्की कर ली थी। अब चार्जशीट तैयार कर ली गई है। डीजीपी बीएस सिद्धू ने बताया कि सांगवान की फरारी के दौरान ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। इस दौरान उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी रहेंगे।
ब्लैकमेलिंग की विवेचना में भी तेजी
इस मामले से जुड़े ब्लैकमेलिंग के दूसरे मुकदमे की विवेचना अभी लंबित है। इस मामले में पीड़ित महिला और उसका साथी जेल में है। सांगवान के साले को भी आरोपी बनाया गया है। इस मामले में भी एसआईटी जल्द ही चार्जशीट लगाने की तैयारी में है।