देहरादून के बहुचर्चित यौन शोषण प्रकरण में सोनीपत के पूर्व सांसद के बेटे और कांग्रेसी नेता प्रदीप सांगवान पर कानूनी शिकंजा कस गया है।
देहरादून स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोनीपत में प्रदीप की कोठी की तलाशी लेकर कुछ सामान जब्त किया है। हालांकि, प्रदीप का अभी कोई सुराग नहीं लगा है।
एसआईटी कर रही है मामले की जांच
सहस्त्रधारा स्थित जॉयलैंड वाटर पार्क के मालिक और हरियाणा के राजनेता प्रदीप सांगवान द्वारा बिजनौर निवासी महिला कर्मचारी का यौन शोषण करने की जांच एसआईटी कर रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत की कोर्ट से जारी सर्च वारंट के आधार पर एसपी ममता बोहरा ने एसटीएफ टीम के साथ आरोपी प्रदीप सांगवान की सोनीपत स्थित कोठी की तलाशी ली।
सांगवान तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस वहां से लैपटॉप, मोबाइल, मेमोरी कार्ड और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क जब्त कर लाई है।
जांच में प्रदीप सांगवान पर आरोप की पुष्टि
उधर, मामले की जांच बार-बार बदले जाने पर डीजीपी बीएस सिद्धू ने सफाई दी है। कहा कि जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण के बाद एसआईटी को यह दूसरी जांच सौंपी गई है।
बताया कि जोशी प्रकरण में जांच का स्तर काफी ऊंचा रहा, जिससे आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिल सकी।
बताया कि एसआईटी की अब तक की जांच में प्रदीप सांगवान पर यौन शोषण के आरोप की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर कोर्ट से प्रदीप सांगवान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवा लिया गया है।
कहा कि जल्द प्रदीप की गिरफ्तारी की जाएगी। गिरफ्तारी में देरी हुई तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।