विजिलेंस टीम ने गबन के मामले में थाल नदी पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को विजिलेंस टीम में प्रिंसिपल एसआर गुप्ता को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया गया।
बताया गया कि प्रिंसिपल गबन के आरोप में काफी समय से निलंबित चल रहे थे। इस मामले में 2012 से जांच चल रही है। प्रिंसिपल पर नौ लाख रुपए के गबन का आरोप है।
पाला-मनेरी जल विद्युत परियोजना में गड़गड़ी
उधर, उत्तरकाशी में आपदा में क्षतिग्रस्त पाला-मनेरी जल विद्युत परियोजना के 130 टन वजनी गार्डर पुल को कबाड़ियों को बेचकर निगम को चूना लगाने के आरोप में निलंबन की मार झेल रहे डीजीएम अब मनेरी बांध के गेटों की मरम्मत में हुई गड़बड़ी के आरोपों में भी फंसते नजर आ रहे हैं।
अब तक अपनी राजनीतिक पहुंच और जल विद्युत निगम से हटा दिए गए प्रबंध निदेशक के संरक्षण प्राप्त इस बेलगाम अफसर की करतूत निगम प्रबंधन से न निगलते बन रही है और न ही उगलते।
आपदा में क्षतिग्रस्त मनेरी भाली प्रथम चरण के बैराज के एक और दो नंबर गेट के सील विम्ब, स्पिल वे और इसके बीच लीकेज को रोकने के लिए 1,33,26,928 रुपए का कार्यादेश 31 मई 2014 को उत्तरप्रदेश जल निगम के नलकूप खंड को दिया गया था।
निगम द्वारा काम शुरू न करने पर लीकेज से 90 मेगावाट की इस परियोजना से उत्पादन हानि की स्थिति बनने पर जल विद्युत निगम ने 25 अप्रैल 2014 को निविदा जारी कर न्यूनतम बोलीदाता एपीएस कंपनी को 1, 2 एवं 3 नंबर गेट तथा स्पिल वे की मरम्मत के कार्य का 6,52,60,853 रुपए का एग्रीमेंट 3 नवंबर 2014 को फाइनल कर दिया।
अब संबंधित डीजीएम ने उत्तरप्रदेश जल निगम नलकूप खंड को दिए गए पुराने ऑर्डर को नियम विरुद्ध पुनर्जीवित करके बीच में ही इन्हीं कामों में से एक नंबर गेट की मरम्मत का कार्य 56 लाख रुपए में उन्हें देकर भुगतान के लिए बिल तैयार कर लिए।
निगम के अधिकारियों को अब नियम कानूनों को ताक पर रखकर कराए गए काम का भुगतान करने की कोई राह नहीं सूझ रही है।