देहरादून में विजिलेंस टीम ने मयूर विहार चौकी प्रभारी सुबोध कुमार को 10 हजार रुपए रिश्वत वसूलते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोप है कि दारोगा मारपीट के मुकदमे में कार्रवाई का खौफ दिखाकर रिश्वत ले रहा था। शिकायकर्ता को दो दिन तक चौकी पर बैठाकर यातनाएं भी दी गई। एसएसपी ने दारोगा को निलंबित कर दिया है।
रफादफा करने के लिए 25 हजार रुपए मांगे
रायपुर के राजीवनगर निवासी विकास कुमार ने एसपी सतर्कता वीकेएस कार्की से मिलकर बताया कि 16 सितंबर को मकान से सरिए के टुकड़े चुरा रहे पड़ोसी ऋषिपाल के बेटे को उन्होंने पकड़कर धमकाया था।
पिता के सामने उसने गलती मानी तो उन्होंने आगे कार्रवाई नहीं की। 17 सितंबर को रायपुर थाने की मयूर विहार चौकी के दो सिपाही विकास कुमार को अपने साथ ले गए।
चौकी प्रभारी सुबोध कुमार ने आतंकित करते हुए कहा कि उनके खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज है। विकास कुमार के अनुसार दारोगा ने मामले को रफादफा करने के लिए 25 हजार रुपए मांगे थे। आरोप लगाया कि रकम देने में असमर्थता जताई तो दो दिन तक उन्हें चौकी में अवैध हिरासत में रखा गया।
बाद में दारोगा 10 हजार रुपए लेने के लिए राजी हो गया। यह रकम एक अक्तूबर को दी जानी थी। इसी दौरान फोन पर दारोगा से हुई बातचीत को विकास ने रिकार्ड कर लिया। एसपी सतर्कता ने ट्रैप के लिए सीओ जया बलोनी के निर्देशन में टीम गठित की।
चौकी प्रभारी सुबोध कुमार ने रकम लेने के लिए विकास को चौकी के बराबर में स्थित एक हेयर ड्रेसर के यहां बुलाया था। विजिलेंस टीम ने शाम साढे़ छह बजे दारोगा को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रिश्वत मांगे तो करे संपर्क
पुलिस अधीक्षक सतर्कता का कहना है कि रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत इन नंबरों 9456591894 और 9456591897 पर की जा सकती है।