साइबर क्रिमिनल के चौथे साथी के रूप में प्रवीण की पहचान हुई है। वह डुप्लीकेट एटीएम कार्ड तैयार कर गैंग को उपलब्ध कराता था। वह जम्मू-कश्मीर के लेह से एटीएम क्लोन में जेल जा चुका है।
इसी बीच सरगना रामबीर के दो साथियों को पुलिस दिल्ली से उठाकर लाई है, जिनकी संलिप्तता के बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया हुआ है।
साइबर गैंग में शामिल चेहरे धीरे-धीरे बेनकाब हो रहे हैं। सही तस्वीर तो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ पाएगी। इस मामले में पुलिस को सरगना रामबीर के अलावा जगमोहन और सुनील की तलाश है। इसी बीच विवेचना में एक और की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस उसके खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है।
नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी राजेश शाह ने बताया कि चौथे आरोपी के रूप में प्रवीण कुमार का नाम सामने आ रहा है। सरगना रामबीर एटीएम डाटा चोरी कर प्रवीण को उपलब्ध कराता है। उस डाटा के आधार पर प्रवीण ही डुप्लीकेट एटीएम कार्ड तैयार करता है।
इन्हीं डुप्लीकेट एटीएम कार्ड के जरिये ये खातों से रकम उड़ाते हैं। पुलिस को यह भी पता चला है कि प्रवीण ऐसे ही मामले में लेह में पकड़ा गया था। इधर पुलिस रामबीर के दो साथियों को भी दिल्ली से पकड़ कर लाई है। एसटीएफ के अलावा पुलिस की कई टीमें उनसे पूछताछ कर चुकी हैं, मगर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचीं हैं।