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प्रापर्टी डीलर हत्याकांड: जमीन थी खूनी जंग की जड़

Thu, 20 Mar 2014 01:43 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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वृद्धा पर गोलियां चलाने वाले बदमाशों ने ही प्रापर्टी डीलर धर्मपाल की सुपारी लेकर हत्या की थी। सुपारी की पूरी रकम न मिलने से बौखलाए बदमाश दूसरे प्रापर्टी डीलर इमरान को मारने आए थे, लेकिन निशाना उसकी मां बन गई।
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पुलिस ने इमरान और दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। शूटरों से पिस्टल और दस कारतूस बरामद हुए हैं।

एसएसपी अजय रौतेला ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया। इस खूनी जंग का कारण बनी प्रीत विहार, माजरा की एक विवादित जमीन।

12 फरवरी को हुई थी हत्या

12 फरवरी को गुरु रोड, पटेलनगर में बदमाशों ने प्रापर्टी डीलर धर्मपाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सिविल के वकील रहे धर्मपाल (55) गांव गलहटा, बागपत, उत्तर प्रदेश के निवासी थे और फिलहाल दून में परिवार के साथ किराये के मकान में रह रहे थे।

जांच में पटेलनगर पुलिस और एसओजी को पता चला कि एक जमीन को लेकर धर्मपाल और कुछ प्रापर्टी डीलरों के बीच विवाद चल रहा है।

जांच चल ही रही थी कि 11 मार्च की रात महबूब कालोनी, ब्राह्मणवाला में बदमाशों ने प्रापर्टी डीलर इमरान की मां फुलजारी पर घर में गोलियां बरसा दी। फुलजारी अभी अस्पताल में हैं।

दोनों घटनाओं के एक जैसी होने से हुआ शक

दोनों घटनाओं का अंदाज लगभग एक जैसा होने के कारण पुलिस कड़ियां जोड़ने में जुट गई। पुलिस ने गुरु रोड और महबूब कालोनी में घटना से पहले सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों को खंगाला।

यह भी पता चला कि प्रीत विहार की विवादित जमीन को लेकर इमरान भी धर्मपाल से रंजिश रखता था।

संदिग्ध नंबरों की पड़ताल करते हुए पुलिस ने रूपेश त्यागी उर्फ अप्पू उर्फ अमित (27) पुत्र तेजपाल त्यागी निवासी जीवनगढ़, विकासनगर और सुधीर (28) पुत्र बिजेंद्र निवासी जनकपुरी भट्टा सिविल लाइन मुजफ्फरनगर, यूपी को बुधवार दोपहर शिमला बाइपास से गिरफ्तार कर लिया।

इमरान ने दी थी मारने के ल‌िए सुपारी

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि इमरान ने ही धर्मपाल को मारने के लिए सात लाख रुपये की सुपारी देने की बात कही थी।

एडवांस में एक लाख रुपये मिल गए थे, लेकिन बाकी रकम देने में इमरान आनाकानी कर रहा था। इसलिए उन्होंने इमरान को ठिकाने लगाने की साजिश रची। घटना के बाद दोनों दिल्ली फरार हो गए थे। दोनों ने 2008 में ऋषिकेश में सुनार के नौकर की भी हत्या की थी।

दोनों की मुलाकात इमरान से जेल में हुई थी। इमरान धोखाधड़ी के मामले में जेल गया था। फिलहाल तीनों जमानत पर थे। रूपेश के पिता यूपी पुलिस से रिटायर्ड एएसआई हैं।
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फंसने के डर से इनकार करता रहा इमरान

मां पर गोली लगने के बाद इमरान पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। इमरान ने किसी विवादित जमीन की खरीद फरोख्त में शामिल होने से भी इनकार किया। इमरान को पता था कि उसने मुंह खोला तो सबसे पहले वही पुलिस के फंदे में फंसेगा।

बीस हजार रुपये का इनाम
दोनों घटनाओं के खुलासे पर डीजीपी बीएस सिद्धू ने पुलिस टीम को बीस हजार रुपये, डीआईजी गढ़वाल अमित सिन्हा ने पांच हजार और एसएसपी अजय रौतेला ने ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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